भारत ने अफगानिस्तान को भेजी मानवीय सहायता की नई खेप, बाढ़ और भूकंप प्रभावितों के लिए राहत

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नई दिल्लीः भारत ने कहा है कि उसने हाल में आयी बाढ़ और भूकंप से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अफगानिस्तान को राहत सामग्री की एक नयी खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार को कहा कि भारत इस कठिन समय में अफगानिस्तान के लोगों को मानवीय सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, ”हालिया बाढ़ और भूकंप के कारण अफगान लोगों की कठिनाइयों को देखते हुए भारत एचएडीआर (मानवीय सहायता और आपदा राहत) सामग्री भेज रहा है, जिसमें किचन सेट, स्वच्छता किट, प्लास्टिक शीट, तिरपाल, स्लीपिंग बैग तथा अन्य सामग्री शामिल हैं।” जायसवाल ने सोशल मीडिया पर कहा, ”भारत अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और इस चुनौतीपूर्ण समय में मानवीय सहायता तथा समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। ये कॉन्फ्रेंस ईरान में अमेरिका के सफल रेसक्यू ऑपरेशन को लेकर होगी। ट्रंप अमेरिकी समय के मुताबिक दोपहर 1 बजे यानी भारतीय समय के मुताबिक, आज रात साढ़े दस बजे ये प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।

अमेरिका ने चलाया बेहद साहसी ऑपरेशन

ईरान में पायलट को बचाने के लिए अमेरिका ने बेहद साहसी ऑपरेशन चलाया, जो पूरी तरह कामयाब रहा। इस बीच ईरान के ऊपर मार गिराए गए अमेरिकी एफ-15E नेविगेटर के रेस्क्यू के बारे में नई जानकारी सामने आई है।

पहाड़ों की दरार में छिपा पायलट

इजरायली मीडिया के मुताबिक, पायलट सिर में गंभीर चोट के कारण बेहोश थे। उन्होंने शुक्रवार को दोपहर 12:00 बजे पहला संपर्क किया। पकड़े जाने से बचने के लिए पायलट सबसे ऊंची जगह चढ़ गए। 10-12 किलोमीटर पैदल चले और एक दरार में छिप गए, फिर वहां से सटीक कॉर्डिनेट भेजे।

दो विमान और छोटे हेलीकॉप्टर उतारे गए

इजरायल ने उस इलाके में हमला करने से परहेज किया और खुफिया जानकारी दी। शुक्रवार और शनिवार के दौरान इजरायल को कहा गया कि वो ईरानी डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाते रहें। अमेरिकी सेना ने पायलट की लोकेशन से 18 किलोमीटर दूर एक खेत पर कब्जा कर लिया। जहां दो विमान और छोटे हेलीकॉप्टर उतारे गए। हेलीकॉप्टरों ने पायलट को दरार से निकाला और खेत में वापस ले आए। इस दौरान जब अमेरिकी विमान खेत में फंस गए तो उन्हें नष्ट कर दिया।