31 मार्च की आधी रात के बाद से नेशनल हाईवे पर सफर करना वाहन चालकों की जेब पर भारी पड़ने वाला है। टोल टैक्स में बढ़ोतरी के साथ ही नकद भुगतान की सुविधा को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा, जिसके बाद केवल डिजिटल माध्यमों से ही भुगतान स्वीकार्य होगा।
एनएचएआई बरेली डिवीजन के परियोजना निदेशक नवरत्न के अनुसार, हर साल आवश्यकतानुसार टोल दरों में वृद्धि की जाती है, लेकिन इस बार बरेली डिवीजन के अंतर्गत केवल फरीदपुर हाईवे पर दरों को बढ़ाया गया है। लखनऊ की ओर जाने वाले यात्रियों को अब फरीदपुर टोल प्लाजा पर कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ की यात्रा का शुल्क 135 के बजाय 140 रुपये और वापसी पर 210 रुपये देना होगा।
भारी वाहनों की श्रेणियों में भी शुल्क में वृद्धि की गई है। हल्के व्यावसायिक वाहनों के लिए अब एकल यात्रा का शुल्क 225 रुपये और वापसी पर 340 रुपये देना होगा। बस और ट्रक के लिए एकल यात्रा का शुल्क 460 से बढ़ाकर 475 रुपये (वापसी 710 रुपये) कर दिया गया है। इसी तरह थ्री-एक्सल वाहनों पर 515 रुपये (वापसी 775 रुपये) और मल्टी-एक्सल गाड़ियों के लिए 745 रुपये (वापसी 1115 रुपये) निर्धारित किए गए हैं।
सेवन-एक्सल वाहनों के लिए यह दर 905 रुपये और वापसी में 1360 रुपये होगी। स्थानीय 20 किलोमीटर के दायरे वाले पास धारकों को भी अब 330 की जगह 360 रुपये का भुगतान करना होगा। आशंका है कि रोडवेज बसें जल्द ही अपना किराया बढ़ा सकती हैं, क्योंकि पिछले वर्ष भी टोल वृद्धि के बाद परिवहन निगम ने किराया बढ़ा दिया था। इसके अलावा नैनीताल रोड पर यूपी स्टेट हाईवे अथारिटी का टोल प्लाजा है। यहां भी दरों में मामूली बढ़ोतरी की गई है।
लभेड़ा टोल प्लाजा पर बदलाव नहीं
राहत की बात यह है कि बरेली से पीलीभीत मार्ग पर रिठौरा के लभेड़ा टोल प्लाजा पर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यहां वाहन स्वामियों को पुरानी दरों पर ही भुगतान करना होगा। टोल प्रबंधक प्रयांशु सचान के अनुसार, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के पिछले महीने के बदलावों के कारण यहां दरें पहले ही आधी की जा चुकी हैं, इसलिए इन्हें पूर्ववत रखा गया है। हालांकि, फरीदपुर में टोल बढ़ने का असर आम यात्रियों पर भी पड़ना तय माना जा रहा है।
