अंतरराष्ट्रीय सहभागिता से रेसलिंग गोल्ड कप 2026 को मिलेगी पहचानः डॉ. राजेश्वर सिंह

Lucknow
  • रेसलिंग गोल्ड कप 2026 में देश-विदेश के पहलवानों का दमदार प्रदर्शन; विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने की ₹5 लाख सहयोग की घोषणा
  • कुश्ती भारत की पांच हजार वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपराः डॉ. राजेश्वर सिंह
  • खिलाड़ी राष्ट्र की अमूल्य धरोहर, अनुशासन और समर्पण के प्रतीकः डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ। आज केडी सिंह बाबू स्टेडियम में अमर शहीदों की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर आयोजित रेसलिंग गोल्ड कप 2026 में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सहभागिता की। उन्होंने कहा कि इस भव्य प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब सहित विदेशों – जॉर्जिया एवं ईरान, से आए कुल 45 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए आयोजक राजेश कुमार सिंह को हार्दिक बधाई दीं।

डॉ. सिंह ने उल्लेख किया कि कुश्ती हमारे देश की लगभग पाँच हजार वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा रही है। यह केवल एक खेल नहीं, बल्कि शक्ति, टेक्निक, संयम और संस्कृति का अद्भुत संगम है। आज के मुकाबलों में स्टैमिना, टेक्निक और स्टाइल का शानदार संतुलन देखने को मिला।

  • कुश्ती को आगे बढ़ाने के लिए ₹5 लाख रुपये का सहयोग

विधायक डॉ. सिंह ने आयोजकों के सतत प्रयासों की सराहना की एवं कुश्ती को और आगे बढ़ाने के लिए सीएसआर फण्ड के माध्यम से ₹5 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की। डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि खिलाड़ी किसी भी राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। उनमें अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत भावना होती है। वे न केवल स्वयं को स्वस्थ और संस्कारित रखते हैं, बल्कि अपने प्रदर्शन से देश का गौरव विश्व पटल पर ऊँचा करते हैं। इसी कारण वे राष्ट्र के सर्वश्रेष्ठ नागरिकों में सम्मिलित होते हैं।

डॉ. सिंह ने आगे कहा कि हमारी प्राचीन अखाड़ा परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा और मिट्टी से जुड़ी इस खेल संस्कृति ने सदैव समाज को सशक्त किया है। यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ती रहे, यही कामना है। इस अवसर पर अभिमन्यु सिंह, पूर्व आईएएस एसपी सिंह, प्रोफेसर संजय सिंह, पी.के. मिश्रा, गोपाल राय, कैप्टन कमल सिंह, शंकरी सिंह सहित अनेक गणमान्य व दर्शक जन उपस्थित रहे।