- युवा खेल महोत्सव 2.0: सेमीफाइनल मुकाबलों में दिखा जोश और खेल भावना
उत्तिष्ठ सेवा संस्थानम्, प्रो शारदा प्रसाद तिवारी मेमोरियल ट्रस्ट, एस.एस. हॉस्पिटल, माय भारत एवं काव्योम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित युवा खेल महोत्सव 2.0 के दूसरे दिन वॉलीबॉल, बैडमिंटन और क्रिकेट के सेमीफाइनल मुकाबलों का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. हिमांशु शेखर झा, प्रवीण सिंह, डॉ. पल्लवी सिंह, सिद्धेश्वरानंद गिरि, कुलदीप पति त्रिपाठी और डॉ. नीरज शुक्ल उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर प्रो. हिमांशु शेखर झा ने कहा कि युवा देश के भविष्य के नेतृत्वकर्ता हैं और उन्हें इस प्रकार के आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर खेलों को बढ़ावा देना चाहिए। वहीं प्रवीण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि खेल हमारे शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखते हैं, इसलिए इन्हें अपनी दिनचर्या में अवश्य शामिल करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और सभी टीमों ने जीत के लिए पूरा दमखम दिखाया। आयोजन में लगभग 300 लोगों की उपस्थिति रही, जिससे पूरे परिसर में खेलमय वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का धन्यवाद प्रो. मंजुला उपाध्याय ने किया, जबकि कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. सीमा पाण्डेय और सह संयोजक डॉ. रमेश त्रिपाठी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उत्तिष्ठ सेवा संस्थानम् के उपाध्यक्ष योगेश तिवारी भी पूरे समय सक्रिय रूप से जुड़े रहे। काव्योम फाउंडेशन से जय, अनमोल और सृष्टि ने सहयोग प्रदान किया, वहीं सृष्टि सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. बी.एन. पाठक की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। इसके अलावा अमन, हरि ओम, अभय तिवारी, अनुभव, आर्यन और आकाश सहित कई युवाओं ने आयोजन में सहभागिता निभाई।
आयोजकों ने बताया कि यह महोत्सव युवाओं को खेलों के माध्यम से सकारात्मक दिशा देने का प्रयास है और आगे भी इस प्रकार के आयोजन जारी रहेंगे। कार्यक्रम के अगले चरण में सुबह 6:30 बजे मैराथन दौड़ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि अवनीश सिंह, विशिष्ट अतिथि दुर्गेश त्रिपाठी और विकास सिंह की उपस्थिति रहेगी। यह आयोजन युवाओं में स्वास्थ्य, अनुशासन और प्रतिस्पर्धा की भावना को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
