सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ईरान पर हो रहे अमेरिकी-इजराइली हमलों को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हमलों का हमारी सरहदों के करीब, हिंद महासागर तक पहुंचना गंभीर विषय है। इस विषय पर भाजपा सरकार ने अभूतपूर्व चुप्पी साध रखी है। इसे ‘चुप्पी’ माना जाए या किसी विशेष भय के कारण इसे ‘घिग्घी बंधना’ माना जाए।
सपा प्रमुख ने गुरुवार को कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा होने के नाते ये देश की सरकार, विदेश मंत्रालय, डिफेंस मिनिस्टरी का संयुक्त दायित्व बनता है कि उसे अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, परंतु कई दिनों की प्रतीक्षा के बाद भी सरकार के मुंह न खोलने पर, इस वैश्विक मुद्दे पर विपक्ष को मजबूर होकर बोलना पड़ रहा है।
इस संकटकाल में सरकार आगे आए और देश की जल, थल, वायु सीमाओं की रक्षा सुनिश्चित करे। जो भाजपा सरकार कुछ कह भी नहीं रही है; वो करेगी क्या, ये सोचकर देशवासी परेशान हैं। भाजपा ने जनता का विश्वास खो दिया है। ऐसा लग रहा है कि देश में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है।
शोक व्यक्त किया
अखिलेश यादव ने कहा है कि अयातुल्ला खामेनेई और मीनाब के एक स्कूल पर हुए सबसे घातक हमला, जिसमें 165 छात्राएं मारी गईं, दोनों की सपा कड़ी निंदा करती है। जिनेवा कन्वेंशन और अंतर्राष्ट्रीय कानून, जो संघर्ष के समय में भी मानव जीवन की रक्षा के लिए बनाए गए हैं, ऐसे कृत्यों से गंभीर रूप से खतरे में हैं।
