ताजा बजट में प्रदेश सरकार ने रामनगरी अयोध्या को एक बार फिर 250 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात दी है। पर्यटन विकास और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए श्रीअयोध्या जी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद को इसमें से 150 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसी कड़ी में जिले के कम प्रसिद्ध आठ धार्मिक स्थलों को संवारने की भी तैयारी है। हाल ही में श्री अयोध्या जी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद ने आठ प्रमुख धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास की परियोजनाएं शासन को भेजी हैं जिन्हें इस राशि से क्रियान्वित करने की तैयारी है। इन परियोजनाओं में आठ प्रमुख स्थान शामिल हैं।
बेतिया मंदिर, मीरापुर, डेराबीबी (अयोध्या धाम) में दो करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य होगा। मणिपर्वत के लिए तीन करोड़ रुपये, दशरथ समाधि स्थल के समीप भगवान शंकर जी का मंदिर परिसर (विकास खंड पूरा) के लिए एक करोड़ रुपये, श्री अंजनेश्वर महादेव धाम (तमसा नदी तट, ग्राम अंजना सदर) के लिए एक करोड़ रुपये, श्रीमहर्षि वाल्मीकि आश्रम (आलापुर, मजरा दोस्तपुर) के लिए एक करोड़ रुपये, आंबेडकर पार्क (ग्राम कुढ़ासादात, तहसील रुदौली) के लिए एक करोड़ रुपये, मिल्कीपुर में आस्तीकन गहनाग बाबा के लिए एक करोड़ रुपये, नगर पंचायत भदरसा में भरत जी की तपोस्थली के लिए दो करोड़ रुपये से पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण प्रस्तावित है।
अयोध्या के पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
श्री अयोध्या जी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार ने अयोध्या के लिए इस बार भी बड़े बजट का प्रावधान किया है। निश्चित ही इससे धार्मिक नगरी के पर्यटन विकास को पंख लगेंगे। फिलहाल हमने आठ परियोजनाओं की डीपीआर भेज दी है। कोशिश है जल्द से जल्द काम शुरू करा दिया जाय।
