मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश को देश का अग्रणी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट यूपी और एएम ग्रुप के बीच एक गीगावॉट हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूट (एचपीसी) एवं एआई हब की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
गुरुवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने एएम ग्रुप के प्रतिनिधियों को लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) सौंपा। यीडा द्वारा सेक्टर-28 में 114 एकड़ और सेक्टर-8डी में 175 एकड़, कुल 289 एकड़ भूमि के लिए एलओआई जारी किया गया है। इस भूमि पर अत्याधुनिक, वैश्विक मानकों वाला एआई एवं हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग हब विकसित किया जाएगा। परियोजना यीडा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से स्थापित की जाएगी, जिसमें लगभग 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश का प्रस्ताव है।
परियोजना के तहत लगभग पांच लाख हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स से युक्त डेटा सेंटर विकसित किया जाएगा, जो 24×7 कार्बन-फ्री ऊर्जा पर आधारित होगा। इसके लिए पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पम्प्ड स्टोरेज जैसी स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा। पहले चरण का संचालन वर्ष 2028 तक शुरू करने का लक्ष्य है, जबकि वर्ष 2030 तक पूर्ण 1 गीगावॉट क्षमता प्राप्त करने की योजना है।
एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को मिलेगी नई गति
भारत में एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए यह हब वैश्विक हाइपरस्केलर्स, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स, उद्यमों और संप्रभु एआई पहलों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। एएम ग्रुप से जुड़ी एआई लैब्स ‘एआई के लोकतंत्रीकरण’ के लक्ष्य के तहत ऊर्जा से लेकर इंटेलिजेंट टोकन तक संपूर्ण वैल्यू चेन विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही हैं। इस अत्याधुनिक सुविधा से भारतीय डेवलपर समुदाय को उच्च क्षमता वाले चिपसेट्स और कंप्यूटिंग संसाधनों तक आसान पहुंच मिलेगी, जिससे घरेलू स्तर पर ही नहीं बल्कि वैश्विक मंच पर भी एआई समाधान विकसित करने में तेजी आएगी।
