किसानों को लाभ दिलाने को भू-इंजीनियरिंग मॉडल पर तेजी से हो रहा काम, 15 दिनों के भीतर पेश होगी विस्तृत रिपोर्ट

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कृषि भवन में शुक्रवार को कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की गई। बैठक में आईआईटी रुड़की के प्रोफेसरों के साथ प्रदेश में प्रस्तावित भू-इंजीनियरिंग आधारित कृषि मॉडल पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। मंत्री ने निर्देश दिया कि पूर्व में हुए प्रयोगों की लागत, किसानों को प्राप्त लाभ और परिणामों का पुनर्मूल्यांकन करते हुए 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, जिससे किसानोन्मुखी योजनाओं को अधिक प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य है कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ कृषि कार्य प्रणालियों का आधुनिकीकरण हो और इसका प्रत्यक्ष लाभ किसानों को मिले। इसी क्रम में एएलएम कार्बन परियोजना पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इसमें किसानों को कार्बन क्रेडिट का सीधा लाभ दिलाने की संभावनाओं पर विचार किया गया तथा प्रारम्भिक चरण में इस परियोजना को एक मंडल में लागू करने का प्रस्ताव रखा गया।

बैठक में रबी गेहूं के बीज वितरण की समीक्षा करते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में उपलब्ध 9,74,730 कुन्तल बीज के सापेक्ष 7,58,603 कुन्तल का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने किसानों से अपील की कि 30 नवंबर से पूर्व बीज अवश्य प्राप्त करें, जिससे उन्हें बीज अनुदान का लाभ सुनिश्चित रूप से मिल सके। मंत्री ने कहा कि समय पर बुआई, विशेषकर लाइन में बुआई, उत्पादन बढ़ाने में अत्यंत सहायक है।

मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योगी सरकार की किसानहितैषी नीतियों को जमीनी स्तर पर पूर्ण पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए ताकि प्रदेश की कृषि प्रणालियों को तकनीकी एवं वैज्ञानिक आधार पर और अधिक मजबूत किया जा सके।

नई लिफ्ट और श्री अन्न गैलरी का लोकार्पण

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि निदेशालय में 20 व्यक्तियों की क्षमता वाली नई लिफ्ट का लोकार्पण कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख के साथ किया। इसके बाद कृषि भवन के तृतीय तल पर स्थापित श्री अन्न (मिलेट्स) गैलरी का उद्घाटन भी दोनों मंत्रियों ने साथ किया। अधिकारियों ने बताया कि यह गैलरी मिलेट्स के महत्व, पोषण मूल्य तथा उनके प्रसंस्करण की जानकारी जनसाधारण तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी।