(www.arya-tv.com) PCS अफसर ज्योति मौर्य और आलोक मौर्य के बीच विवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों की अब जांच शुरू हो गई है। आलोक ने ज्योति पर हर महीने भ्रष्टाचार से 5 से 8 लाख रुपए अवैध वसूली का आरोप लगाया था। शासन से इसकी शिकायत की थी। इसी शिकायत पर कार्मिक विभाग के आदेश पर प्रयागराज के कमिश्नर की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय जांच कमेटी ने जांच शुरू कर दी है।
आलोक ने जिस लाल डायरी का जिक्र किया है, जांच कमेटी ने उस डायरी को मंगाया है। सोशल मीडिया और समाज में ज्योति की किरकिरी कराने वाली यह लाल डायरी अब फिर उनके गले की फांस बनने जा रही है। भ्रष्टाचार की जांच अब इसी डायरी के इर्द-गिर्द घूमने वाली है। यह डायरी ज्योति के सस्पेंशन की वजह बन सकती है।
आखिर क्या है लाल डायरी में?
आलोक मौर्य ने बताया कि उनके पास ज्योति मौर्य के ऊपर लगाए गए आरोपों को साबित करने के पर्याप्त आधार और सबूत हैं। अभी तो हमने लाल डायरी के कुछ पन्ने ही सार्वजनिक किए हैं। अभी हमारे पास ज्योति के खिलाफ बहुत से सबूत हैं। जो साबित कर देंगे कि ज्योति भ्रष्टाचार में डूबी हैं।
अब यहां सवाल यह उठ रहा है कि आखिर उस लाल डायरी में हर महीने भ्रष्टाचार से मिलने वाले लाखों रुपयों के अलावा ऐसा क्या दर्ज है, जो यह साबित कर देता कि ज्योति भ्रष्टाचारी हैं। अगर आलोक जांच कमेटी के खिलाफ भ्रष्टाचार के कोई ठोस सबूत पेश कर पाते हैं, तो ज्योतिकी परेशानी बढ़ सकती है। उनका सस्पेंशन हो सकता है।
फिलहाल ज्योति ने भीइस बात को स्वीकारा था कि वह आलोक के साथ पति-पत्नी के रिश्ते में 12 साल रही हैं। आलोक के पास उनके बहुत से पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ से सीक्रेट हैं। अगर आलोक के खिलाफ ठोस कार्रवाई न हुई, तो वह हमें और विभाग को बदनाम करेगा।
हैंडराइटिंग मिलान से साफ होगी तस्वीर
आलोक मौर्य द्वारा जांच कमेटी को डायरी सौंपने के बाद कमेटी उस पर हैंडराइटिंग एक्सपर्ट को बुलवाकर ज्योति की राइटिंग का मिलान कराएगी। इसके बाद तय होगा कि लाल डायरी में हर महीने लाखों रुपयों की एंट्री ज्योति ने की है या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है। अगर हैंडराइटिंग ज्योति की साबित हो जाती है, तब ज्योति के खिलाफ यह ठोस सबूत होगा।
इसके अलावा अगर डायरी में जिन-जिन लाेगाें के नाम से हर महीने रुपए मिले हैं। अगर, वो खुद आकर कहते हैं कि ज्योति उनसे हर महीने पैसे वसूलती थीं। तब यह ज्योति की परेशानी बढ़ाने वाला होगा। फिलहाल, ज्योति जहां-जहां SDM रही हैं। वहां के मार्केटिंग इंस्पेक्टर और सप्लाई इंस्पेक्टर को भी नोटिस देकर बुलाने की तैयारी है। उनसे भी कमेटी पूछताछ करेगी कि आपने क्या ये रुपए दिए हैं। प्रशासनिक अमले में इस जांच से खलबली मची हुई है।
