मां की इच्छा पूरी करने के लिए पत्नी और बच्चों के साथ शाहजहांपुर आया उस्मान सोमवार शाम घर लौट रहा था। बरेली मोड़ पर सड़क पार करते वक्त एक बस ने उसके परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में पत्नी नसरीन (35) और दो साल के बेटे सूफियान की मौत हो गई। उस्मान की गोद में बेटी आयशा थी। वह पत्नी और बेटे को बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन दोनों को नहीं बचा सका। हादसे के बाद बस चालक मौके से निकल गया।
हरदोई जिले के लोनार थाना क्षेत्र के सवायजपुर गांव निवासी उस्मान दिल्ली में सिलाई का काम करता है। करीब 15 दिन पहले वह गांव लौटा था। उसकी मां सरबरी की इच्छा थी कि वह शाहजहांपुर में रहने वाली बेटी नाजमा के घर जाए। मां की इच्छा पूरी करने के लिए शुक्रवार को उस्मान पत्नी नसरीन, बेटे सूफियान और बेटी आयशा के साथ शाहजहांपुर आया था। यहां उसने अपनी मां को बहन नाजमा और बहनोई मुबारक के घर छोड़ा।
सोमवार शाम परिवार ई-रिक्शा से हरदोई लौटने के लिए बरेली मोड़ पहुंचा। सड़क पार करते समय बरेली की ओर से आ रही रोडवेज बस ने नसरीन को टक्कर मार दी। टक्कर से वह गोद में मौजूद सूफियान के साथ सड़क पर गिर गईं। आरोप है कि आसपास मौजूद लोगों ने चालक को रोकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन बस नहीं रुकी। बस का पहिया मां-बेटे के ऊपर से गुजर गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
पत्नी-बेटे को बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन नहीं बचा सका
हादसे के वक्त उस्मान की गोद में बेटी आयशा थी। पत्नी और बेटे को सड़क पर गिरा देखकर वह उन्हें बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन आंखों के सामने दोनों की मौत हो गई। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। पत्नी और छोटे बेटे को खोने के बाद उस्मान बदहवास हो गया।
उस्मान का कहना था कि अगर बस चालक रुक जाता, तो शायद उसकी पत्नी और बेटे की जान बच सकती थी। परिवार के साथ शाहजहांपुर आया उस्मान अब बेटी आयशा के साथ इस दुखद हादसे का सामना कर रहा है।
पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट, चालक की तलाश
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी के मुताबिक, उस्मान की तहरीर पर अज्ञात रोडवेज बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बस और चालक का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बरेली मोड़ पर अतिक्रमण से यातायात प्रभावित
बरेली मोड़ पर सड़क किनारे व्यावसायिक वाहनों और ई-रिक्शों की भीड़ के साथ अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित होने की शिकायत है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे अव्यवस्थित ढंग से खड़े वाहन राहगीरों के लिए परेशानी पैदा करते हैं और सड़क पार करना जोखिम भरा हो जाता है। लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले भी यहां एक हादसे में साबिर की मौत हुई थी।
