श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को कड़ी सुरक्षा के बीच गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे अपर मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट (एसीजेएम) के कोर्ट में पेश किया गया। आरोपियों की सुरक्षा में मध्य जोन के लगभग सभी थानों की फोर्स लगी थी। श्रद्धा और रश्मि महिला पुलिस के घेरे में थीं। कोर्ट में मौजूद वकीलों में चर्चा थी कि इतनी सुरक्षा तो माफिया अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी को भी नहीं मिली थी।
चर्चा थी कि आरोपियों को कोर्ट परिसर की बहुखंडी इमारत में फर्स्ट फ्लोर पर मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में पेश किया जाएगा। फर्स्ट फ्लोर के कमरा नंबर 115 के बाहर शाम करीब 4 बजे से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया। श्रद्धा को देखने के लिए वकीलों का जमावड़ा लगा रहा। शाम करीब साढ़े चार बजे हजरतगंज थाने की फोर्स भी कमरे के बाहर तैनात कर दी गई। मोबाइल फोन के जरिये श्रद्धा की लोकेशन ली जा रही थी। 5:30 बजे करीब डेढ़ सौ पुलिसकर्मियों के काफिले के साथ श्रद्धा, रश्मि और दानिश को कोर्ट पहुंचाया गया। दानिश के चेहरे पर मास्क था, जबकि श्रद्धा और रश्मि के चेहरे दुपट्टे से ढके थे। तीनों आरोपियों को सीजेएम की जगह एसीजेएम कोर्ट के कक्ष संख्या 302 में ले जाया गया।
मीडिया का किया था अभिवादन
इस बीच फर्स्ट फ्लोर पर खड़े वकील थर्ड फ्लोर पर पहुंच गए। वकीलों ने श्रद्धा के वीडियो बनाए और कई सवाल किए। करीब एक घंटे तक चली कार्यवाही के बाद शाम 6:25 बजे तीनों को पुलिस सुरक्षा में जेल रवाना कर दिया गया। इससे पहले सुबह नागपुर से हजरतगंज थाना पहुंचने पर श्रद्धा ने हाथ हिलाकर मीडिया का अभिवादन भी किया था।
