हाफिज इमरान रजा बरकाती ने बताया कि बरेली से उमरा करने सऊदी अरब गए कई जायरीन उड़ानें निरस्त होने के कारण वहीं रुकने को मजबूर हो गए। यात्रियों को मक्का और मदीना के होटलों में ठहराया गया है। वापसी में देरी होने से यात्रियों के साथ ही बरेली में उनके परिजन भी परेशान हैं। घर लौटने की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को अब वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था से राहत मिलने की उम्मीद है।
टूर संचालक के अनुसार, हूती विद्रोहियों के हमलों से जुड़े सुरक्षा हालात के बीच कुछ एयरलाइंस ने सऊदी अरब से भारत आने वाली उड़ानें नवंबर तक निरस्त कर दी हैं। ऐसे में यात्रियों के सामने वापसी का संकट खड़ा हो गया। दूसरी ओर, सऊदी एयरलाइंस की उड़ानें उपलब्ध होने की बात कही गई, लेकिन उनका किराया करीब एक लाख रुपये तक बताया जा रहा है। इतनी अधिक रकम खर्च करना सभी यात्रियों के लिए आसान नहीं है।ऐसे हालात में ओमान के रास्ते यात्रियों को भारत लाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत सऊदी अरब से ओमान पहुंचकर वहां से भारत के लिए उड़ान लेने की व्यवस्था की जा रही है। शान-ए-मदीना टूर एंड ट्रेवल्स की दो बसों में गए करीब 70 यात्रियों के गुरुवार को दिल्ली और कोच्चि पहुंचने की उम्मीद है। वहां से उनके बरेली लौटने का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, अन्य यात्रियों की वापसी का पूरा कार्यक्रम और समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
