आर्य टीवी डेस्क। 24 वर्षीय इस महिला को गया के अनुग्रह नारायण मेडिकल कॉलेज तब लाया गया, जब वो लॉकडाउन के बाद 25 मार्च को लुधियाना से लौटी थी, पीडिता 2 माह की गर्भवती थी और उसके अधिक रक्तस्राव की वजह गर्भपात भी करवाया गया, जब वो लुधियाना से घर लौटी तो इसका स्वास्थ बिगड़ा हुआ था जिसके बाद उसे गया अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया फिर कोरोना संक्रमण के शक के आधार पर कोरोना आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया.
आइसोलेशन में थी अकेली
बताया जा रहा है कि पीडिता महिला उस पूरे आइसोलेशन वार्ड में अकेली थी, जिसके बाद उसे अकेला पाकर नियमित जांच पर आने वाले एक चिकित्सक ने रेप किया, मिली जानकारी अनुसार महिला को 3 अप्रैल को उस वार्ड से छुट्टी दे दी गयी जब उसके कोरोना जांच की रिपोर्ट नेगेटिव आयी तो वो वहां से ससुराल लौटने गयी. ससुराल वालों का कहना है कि अस्पताल से लौटते वक्त भी उसका रक्तस्राव नहीं रुक रहा था और वो काफी डरी-सहमी लग रही थी.
सोर्स-अनीता संजीव जी की वाल से
