बनारस की गुलाबी मीनाकारी ने तोड़ी चाइना राखी की कमर:अमेरिका समेत कई देशों से मिले 10 लाख के ऑर्डर

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(www.arya-tv.com)  इस रक्षा बंधन वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी से बनी राखियों ने चाइना राखी की कमर ही तोड़ दी है। बनारस में हाथ से बनी राखियों की डिमांड देश-विदेश से खूब आ रही है। रक्षा बंधन पर अमेरिका समेत कई देशों और घरेलू बाजार से 10 लाख रुपए से अधिक का आर्डर मिला है।

हाल ही में हुए G-7 की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को गुलाबी मीनाकारी भेंट की थी। अब अमेरिका से इस राखी की डिमांड आई है।

वाराणसी के संयुक्त आयुक्त उद्योग उमेश सिंह ने बताया, “PM नरेंद्र मोदी और सीएम योगी द्वारा किए गए प्रयासों से ही गुलाबी मीनाकरी की डिमांड बहनों में बढ़ी है। चाइना राखी की जगह हैंडमेड गुलाबी मीनाकारी की राखी काफी तेजी से बनारस के बाजारों खरीदी जा रही है।

वाराणसी के GI उत्पादों की मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ती जा रही है। GI उत्पादों में सबसे प्रमुख गुलाबी मीनाकरी को बड़ा बाजार उपलब्ध करा दिया गया है।”

PM और CM की अपील का असर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिल्पियों के हुनर को बढ़ावा देने के लिए लोगों से अपील की थी कि वे त्योहारों और अन्य अवसरों पर अपने प्रियजनों को GI और ODOP के उत्पाद गिफ्ट में दें। वहीं, वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी काशी की गुलाबी मीनाकारी के उत्पादों को विदेशी दौरों पर अंतरराष्ट्रीय नेताओं को तोहफे के रूप में देते हैं।

500 रुपए तक रोजाना कमा रहीं महिलाएं

GI के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कुंज बिहारी ने बताया, “गुलाबी मीनाकारी वाली राखी की मांग घरेलू और विदेशी मार्केट में काफी बढ़ी है। रक्षा बंधन के मौके पर अमेरिका समेत कई देशों से मिले आर्डर ने 500 से अधिक महिलाओं को रोजगार दिला दिया। पार्ट टाइम काम करके महिलाएं रोज़ाना 200 से 500 रुपये कमा ले रही हैं।

गुलाबी मीनाकारी में होता है चांदी का काम
कुंज बिहारी के अनुसार, चाइना राखी की जगह इस बार बहनें अपने भाई की कलाई पर हैंडमेड गुलाबी मीनाकारी की राखी बांधना ज्यादा पसंद कर रही हैं। गुलाबी मीनाकारी की राखी में चांदी का काम किया जाता है। इस राखी की ख़ासियत यह भी है कि इसे बाद में इसे लॉकेट और ईयर रिंग की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

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