महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बिठूर पहुंचेंगे। यहां वाल्मीकि आश्रम में रामायण पाठ और पूजन में शामिल होकर आदिकवि को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। इस दौरान बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों को 411 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित करेंगे।
मान्यता है कि बिठूर स्थित वाल्मीकि आश्रम में महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की थी और माता सीता को आश्रय मिला था। यहीं लव-कुश का जन्म हुआ था। सरकार रामायण सर्किट और राम वन-गमन पथ के तहत धार्मिक स्थलों के संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है।
चित्रकूट के लालापुर स्थित वाल्मीकि आश्रम में 19.95 लाख रुपये से 12.5 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है। आश्रम के विकास पर 184.95 लाख और पर्यटन सुविधा केंद्र पर 1120.79 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा वाल्मीकि घाट, परिक्रमा पथ और आरती स्थल समेत अन्य विकास कार्य भी जारी हैं।
अयोध्या और इटावा के धार्मिक स्थलों के विकास पर भी जोर
अयोध्या स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम के पर्यटन विकास के लिए 107.48 लाख और इटावा के बेला गांव स्थित प्राचीन वाल्मीकि मंदिर के लिए 83.17 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, रामायण सर्किट और राम वन-गमन पथ से जुड़े स्थलों का संरक्षण व सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
