गाजीपुर।(www.ayra-tv.com) मनिहारी ब्लाक में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़े पैमाने पर हुए घोटाले की जांच 42 दिनों बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। जबकि जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य ने 15 दिनों में ही जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इस बेहद गंभीर मामले में इस कदर लापरवाही से कई सवाल उठ रहे हैं। अब जांच में इतना समय क्यों लग रहा है यह तो जांच अधिकारी ही जानते होंगे, लेकिन इससे यह साफ है कि या तो यहां बेहद ही बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है या फिर किसी बड़े अधिकारी का गला फंसना लगभग तय है।
इधर ‘दैनिक जागरण’ ने न सिर्फ इस मामले का खुलासा किया था बल्कि पड़ताल कर एक-एक गड़बड़यिों को भी उजागर किया था।शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मनिहारी ब्लाक में मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। इसको ‘दैनिक जागरण’ ने खुलासा किया तो संबंधितों में खलबली मच गई। इसके बाद पड़ताल में परत दर परत मामला खुलता गया। इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने पूरे जिले की शादियों पर जांच बैठा दी।
जिलाधिकारी ने बीते 15 नवंबर को ही जांच टीम गठित कर 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था, लेकिन आज तक जांच पूरी नहीं हो सकी। जांच अधिकारियों की माने तो जिले के सभी ब्लाकों की जांच हो गई है, मनिहारी का ही सिर्फ बचा है। जानकारी यह भी मिल रही है कि यहां बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। अब सवाल यह है कि शासन की किरकिरी कराने वाले इस बेहद गंभीर मामले में भी इतनी शिथिलता क्यों है। यह लोगों के समझ से परे है और तरह-तरह के सवाल भी उठने शुरू हो गए हैं।
जासं, गाजीपुर : मनिहारी ब्लाक में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़े पैमाने पर हुए घोटाले की जांच 42 दिनों बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। जबकि जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य ने 15 दिनों में ही जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इस बेहद गंभीर मामले में इस कदर लापरवाही से कई सवाल उठ रहे हैं। अब जांच में इतना समय क्यों लग रहा है यह तो जांच अधिकारी ही जानते होंगे, लेकिन इससे यह साफ है कि या तो यहां बेहद ही बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है या फिर किसी बड़े अधिकारी का गला फंसना लगभग तय है। इधर ‘दैनिक जागरण’ ने न सिर्फ इस मामले का खुलासा किया था बल्कि पड़ताल कर एक-एक गड़बड़यिों को भी उजागर किया था।
शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मनिहारी ब्लाक में मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। इसको ‘दैनिक जागरण’ ने खुलासा किया तो संबंधितों में खलबली मच गई। इसके बाद पड़ताल में परत दर परत मामला खुलता गया। इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने पूरे जिले की शादियों पर जांच बैठा दी। जिलाधिकारी ने बीते 15 नवंबर को ही जांच टीम गठित कर 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था, लेकिन आज तक जांच पूरी नहीं हो सकी।
जांच अधिकारियों की माने तो जिले के सभी ब्लाकों की जांच हो गई है, मनिहारी का ही सिर्फ बचा है। जानकारी यह भी मिल रही है कि यहां बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। अब सवाल यह है कि शासन की किरकिरी कराने वाले इस बेहद गंभीर मामले में भी इतनी शिथिलता क्यों है। यह लोगों के समझ से परे है और तरह-तरह के सवाल भी उठने शुरू हो गए हैं।
