FIFA World Cup: साका की हैट्रिक से इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराया, तीसरे स्थान पर किया कब्जा; एमबाप्पे गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे

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मियामी गार्डन्स। फीफा विश्व कप के तीसरे स्थान के प्लेऑफ मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 6-4 से हराकर टूर्नामेंट में तीसरा स्थान हासिल कर लिया। इस यादगार मुकाबले के सबसे बड़े नायक बुकायो साका रहे, जिन्होंने हैट्रिक लगाकर इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई।

साका ने 37वें मिनट, पहले हाफ के इंजरी टाइम और 87वें मिनट में पेनल्टी के जरिए गोल दागते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की दूसरी हैट्रिक पूरी की। उनके अलावा डेकलान राइस, एजरी कोंसा और इंजरी टाइम में जूड बेलिंघम ने भी इंग्लैंड के लिए गोल किए। बेलिंघम का यह टूर्नामेंट में सातवां गोल रहा

पहले हाफ की समाप्ति तक इंग्लैंड 4-0 की मजबूत बढ़त बना चुका था। हालांकि दूसरे हाफ में फ्रांस ने वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड ने बढ़त बनाए रखते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह इंग्लैंड का विश्व कप इतिहास में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। टीम ने अपना एकमात्र विश्व कप खिताब 1966 में जीता था।

एमबाप्पे ने बनाया नया रिकॉर्ड

फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे ने दूसरे हाफ में दो गोल किए। इन गोलों के साथ विश्व कप में उनके कुल गोलों की संख्या 22 हो गई, जो लियोनेल मेसी से एक अधिक है। मौजूदा विश्व कप में एमबाप्पे ने 10 गोल के साथ अपना अभियान समाप्त किया और वह गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे पहुंच गए। मेसी के खाते में फिलहाल आठ गोल हैं और उन्हें फाइनल में स्पेन के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा।

फ्रांस के लिए अन्य दो गोल ब्रैडली बारकोला और ओस्मान डेम्बेले ने किए।

विश्व कप इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में शामिल

यह मुकाबला विश्व कप इतिहास के सबसे अधिक गोल वाले मैचों में शामिल हो गया। 1982 में हंगरी की अल सल्वाडोर पर 10-1 की जीत के बाद यह विश्व कप का सबसे ज्यादा गोल वाला मैच रहा। वहीं, तीसरे स्थान के मुकाबले में 10 गोल होने का यह नया रिकॉर्ड भी बन गया।

फाइनल खेलने से चूकी दोनों टीमें

इंग्लैंड और फ्रांस दोनों ही फाइनल में जगह बनाने से चूक गई थीं। फ्रांस को सेमीफाइनल में स्पेन ने हराया था, जबकि इंग्लैंड को अर्जेंटीना के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी को अब फाइनल में स्पेन के खिलाफ गोल्डन बूट की दौड़ में वापसी का अंतिम मौका मिलेगा।

डेसचैम्प्स का आखिरी मुकाबला

यह मैच फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेसचैम्प्स के कार्यकाल का भी आखिरी मुकाबला रहा। उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह 14 वर्षों तक टीम की जिम्मेदारी संभालने के बाद पद छोड़ देंगे। मैच समाप्त होने के बाद उन्होंने खिलाड़ियों को गले लगाया और दर्शकों का अभिवादन किया।