लापरवाही से नहीं कम हो रहे कोरोना के मरीज

Health /Sanitation Kanpur Zone UP

कानपुर।(www.arya-tv.com) जिले में लगातार कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे है, इसी बीच अस्पताल प्रबंधन की की लापरवाही भी देखने को मिल रही है। कुछ ऐसे भी अस्पताल है जहां की व्यवस्था देखने के बाद यह साफ पता चल जाएगा की उससे कोरोना के मामले कम होंगे या ज्यादा, क्योंकि इसका कारण साफ तौर दिख रहा है।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल स्थित कोविड हॉस्पिटल की बात करें तो यहां जटिल खरीद प्रक्रिया की वजह से चार माह में उपकरणों की खरीद प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। कोरोना का पहले चरण का संक्रमण थम चुका है, लेकिन आज तक कोविड आइसीयू में मल्टी पैरा मॉनीटर समेत तमाम जरूरी उपकरण तक नहीं खरीदे जा सके हैं।

शासन के हुक्मरान लगातार खरीद प्रक्रिया को सरल बनाने के दावे करते रहे, लेकिन उसे सुलझा नहीं सके। उसका नतीजा है कि चार माह लग गए 20 करोड़ रुपये से उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में। अब जाकर यह अंतिम चरण में पहुंच सकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां की हकीकत जानने के लिए लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों की टीम यहां भेजी।

जिसने एक सप्ताह रह कर हर कोविड हॉस्पिटल के आइसीयू के हर पहलू पर नजर बनाए रखी। इसमें यहां के आइसीयू में जरूरी उपकरण न होने की बात सामने आई। टीम ने गैप एनालिसिस कर शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपी। उसके आधार पर पहले दो चरणों में उपकरणों की खरीद के लिए आपका राहत से बजट प्रदान किया गया। शासन ने हैलट में पहले 100बेड का कोविड आइसीयू बनाने का निर्णय लिया।

उसके लिए उपकरणों के लिए 15 करोड़ जारी किए। बाद में बेड संख्या बढ़ा कर 160 कर दी। उसके लिए उपकरणों की खरीद करने के लिए अतिरिक्त सात करोड़ रुपये दिए। शासन ने पहले अपने आदेश में एसजीपीजीआइ-केजीएमयू की तर्ज पर वहां को आधार बनाकर खरीद प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया था। जब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपने यहां कमेटी बनाकर प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली तो शासन संयंत्र से ही रोक दिया गया। टेंडर प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए।

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