उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का विकासनगर आग से दहल गया। झुग्गी से उठती लपटें और गैस सिलेंडर फटने के धमाकों ने इलाके को दहशत से भर दिया। तबाही का मंजर दस किलोमीटर दूर से तक देखा गया। लगभग 300 झोपड़ियां झलकर मस्म हो गईं। एक के बाद एक ताबड़तोड़ करीब 100 सिलेंडर फटे। 50 मवेशी जलकर मर गए। आग में 4 बच्चों के भी मरने की खबर है।
दमकल विभाग की 22 गाड़ियां आधी रात तक आग बुझाने और सर्च अभियान में जुटी रहीं। अग्निशमन टीम के देरी से पहुंचने पर अधिकारियों को पीड़ितों के आक्रोश का भी सामना करना पड़ा। आग की लपटों के बीच अपनों को बचाने के छटपटाहट में अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और मामूली पथराव की भी बात सामने आई है।
घटनाक्रम विकास नगर सेक्टर -14 का है। यहां करीब तीन बीघा जमीन पर झुग्गियां की बस्ती थी। बुधवार की रात यहां आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें विकराल हो गईं। गैस सिलेंडर फटने के साथ तबाही बढ़ती गई। लोग आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। आग के बीच फंसे कई परिवारों के बच्चों को पुलिस और दमकल कर्मियों ने बाहर निकाला, कुछ और बच्चों के फंसे होने चिंता में कुछ लोग आग की तरफ बढ़े, लेकिन आग विकराल होने के चलते पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
बच्चों को बचाने की चिंता में लोगों ने आपा खो दिया और बचाव कार्य में लगे दमकल कर्मियों व पुलिस पर ही पथराव करने लगे। इसमें सिविल डिफेंस के पोस्ट वार्डन ऋषि श्रीवास्तव का सिर फट गया और कई अन्य लोग घायल हो गए। इसके बावजूद बचाव दल ने धैर्य से काम लेकर गुस्साए लोगों को शांत कराकर बचाव कार्य जारी रखा।डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, पुलिस महानिदेशक अग्निशमन सुजीत पांडेय, पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर, डीएम विशाख जी और नगर आयुक्त गौरव कुमार मौके पर पहुंचे। अपने लोगों और आशियाने के लिए लोग पुलिस अधिकारियों और डिप्टी सीएम के आगे रोने लगे।
इसपर सभी को समझाकर शांत कराया। आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। काफी मान-मनौव्वल के बाद बस्तीवासियों को कुछ दूर पर स्थित मिनी स्टेडियम में भेज दिया। अग्निकांड में करीब 1000 से अधिक झुग्गी बस्ती जल गई। 100 से अधिक धमाके हुए। लपटें करीब 30 फीट तक उठती रहीं। देर रात तक दमकल कर्मी आग पर काबू पाने में लगे रहे।
विकासनगर सेक्टर-14 स्थित मिनी स्टेडियम से कुछ दूरी पर बनी झुग्गी बस्ती में झोपड़ी बनाकर रहने वाले इटौंजा के मूल निवासी विशान गौतम ने बताया कि करीब तीन बीघे में आबाद रही इस बस्ती में अधिकतर लोग उन्नाव, सीतापुर, लखीमपुरखीरी, रायबरेली, बहराइच और पड़ोसी जनपदों के रहने वाले हैं। ये परिवार यहां 20-25 वर्ष से रह रहे हैं। शाम करीब 4 बजे एक मस्जिद नुमा झोपड़ी में आग लग। आग ने पड़ोसी धर्मेंद्र, बबलू, विमलेश, राम स्वरूप, मंत्री, मो. आसिफ कुरैशी, रहमान, सुनीता, शमशुनिशां और करन की झोपड़ियां चपेट में ले लिया। लोगों ने पानी फेंककर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवा चलने से चंद मिनटों में आग बस्ती में फैल गई।
गैस सिलेंडर और गाड़ियों के फ्यूल टैंक फटने से आग और भड़क गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झोपड़ियों से सिलेंडर और फ्यूल टैंक फटने से 100 से अधिक धमाके हुए। आग लगने के करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल और पुलिस पहुंची। बस्ती में बनी झोपड़ियों से लोग जान बचाकर भागने लगे। 22 दमकल गाड़ियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया। देर रात तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था। रेस्क्यू के लिए राज्य आपदा मोचन बल भी पहुंच गई। पुलिस ने आनन फानन लोगों को बस्ती के बाहर कर दिया।
पीड़ित बोले- नहीं मिल रहे बच्चे
रहमान ने बताया कि उनके चार बच्चे अंदर ही फंसे हैं। घटना हुई तो सभी लोग घर में सो रहे थे। आग लगी तो वह किसी तरह बाहर भागे लेकिन उनके बच्चे नहीं निकल पाए हैं। शमशुनिशां ने कहा कि उसके दो बच्चे फंसे हैं। विपिन ने बताया कि उनके एक रिश्तेदार के दो बच्चे लापता हैं। बाराबंकी के बड्डूपुर निवासी सकटू ने बताया कि उनकी 15 दिन की बेटी भी आग में फंस गई। उसका कोई पता नहीं चला है। लोग अंदर जाने की जिद कर रहे थे। पुलिस ने रोका तो लोग भिड़ने लगे। अपनों को बचाने के लिए नाराज लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव में बस्ती के लोगों के साथ ही पुलिस और सिविल डिफेंस के कर्मी समेत आठ से 10 लोग घायल हो गए। इस दौरान वहां भगदड़ मच गयी। लोगों का आरोप है कि समय पर पुलिस व दमकल नहीं पहुंची और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। नाराज लोगों की पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से तीखी नोंकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।
चिल्लाते हुए जान बचाकर भागे लोग, मची भगदड़
बस्ती में लगी आग देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाकर चीखते-चिल्लाते हुए भागने लगे। सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। आसपास की दुकानें और शोरूम बंद हो गए। सड़क पर गाड़ियों के पहिए थम गए। मौके पर पहुंची पुलिस व दमकल कर्मियों ने आग का भयानक रूप देखा अधिकारियों को इस बारे में खबर दी। देखते ही देखते पुलिस व प्रशासन के आलाधिकारी और 22 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। इस दौरान राहगीर मोबाइल पर वीडियो कैद कर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते रहे। लोगों ने बताया कि उनके यहां पले मुर्गे, बकरियां, कुत्ते समेत करीब 50 मवेशी जल गए। कई लोग गृहस्थी निकालने में झुलस भी गए।
