पहाड़ों पर हो रही बारिश के बाद गंगा में बढ़े जलप्रवाह ने बदायूं के तटवर्ती इलाकों में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गंगा का पानी कम होने के बावजूद कई क्षेत्रों में कटान तेज हो गया है। उसहैत क्षेत्र के कुछ स्थानों पर गंगा की धार ने जमीन को काटना शुरू कर दिया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। पानी से घिरे गांवों के लोग सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
नरौरा बैराज से गंगा में लगातार पानी छोड़े जाने का असर कछला से लेकर उसहैत क्षेत्र तक दिखाई दे रहा है। रविवार को नरौरा बैराज से 1,08,801 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। इससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। खेत-खलिहानों में खड़ी फसलें डूब चुकी हैं और कई संपर्क मार्गों पर अब भी पानी भरा हुआ है।
कदम नगला में घर गिरे, स्कूल भी गंगा में समाया
उसहैत क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। कदम नगला में पानी की चपेट में आने से कई घर गिर चुके हैं। वहीं एक सरकारी स्कूल भी गंगा की कटान की भेंट चढ़ गया। लगातार कटान से किसानों को अपनी उपजाऊ जमीन खोने का डर सता रहा है।
करीब 20 गांव बाढ़ की चपेट में
कछला से चंदनपुर हुसेनपुर तक करीब 20 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित बताए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले पानी का दायरा इससे भी ज्यादा था। अब जलस्तर में कमी आने लगी है, लेकिन गंगा की तेज धार और कटान ने ग्रामीणों की चिंता बरकरार रखी है। कछला में रविवार को गंगा का जलस्तर 162.12 मीटर गेज दर्ज किया गया। कुछ दिन पहले तक गंगा खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही थी। अब जलस्तर कम हो रहा है, लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों में कटान के कारण खतरा बना हुआ है।
बांध की सुरक्षा जांचने पहुंचे अधिकारी
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ खंड के अधिकारियों ने असमिया रफतपुर बांध पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने बांध की स्थिति और आसपास के इलाकों में पानी के प्रभाव का निरीक्षण किया।
रामगंगा का पानी घटा, बाढ़ का खतरा कम
दातागंज क्षेत्र में रामगंगा नदी का जलस्तर अब काफी नीचे आ गया है। तटवर्ती गांवों में भरा पानी कम होने लगा है और बाढ़ का खतरा फिलहाल टलता नजर आ रहा है। ग्राम पिपरा के ग्रामीणों के अनुसार खेतों से पानी उतर रहा है, हालांकि जलभराव से फसलें नष्ट हो गई हैं। हजरतपुर से आगे गढ़िया रंगीन जाने वाली सड़क से भी पानी उतर गया है। इसके बाद दो दिन से इस मार्ग पर यातायात सुचारू हो गया है।
‘ऊपर से पानी कम हो रहा, जल्द और सुधार की उम्मीद’
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता नेशपाल ने बताया कि ऊपर से पानी कम हो रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति में सुधार आ रहा है। कई गांवों से पानी खत्म हो चुका है और कुछ संपर्क मार्गों पर यातायात भी शुरू हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही जलस्तर में और कमी आएगी।
