दरअसल, आंवला के सरस्वती शिशु मंदिर में राष्ट्रीय जनगणना के लिए प्रगणक बनाए गए शिक्षकों का प्रशिक्षण चल रहा था। गुरुवार दोपहर करीब दो बजे शिक्षक भोजन के पैकेट लेने के लिए कतार में खड़े थे। इसी दौरान एसडीएम सुशील मिश्रा वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि उन्होंने शिक्षकों के लिए ‘भूखे-नंगे कुत्ते’ जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
इस टिप्पणी से शिक्षक भड़क गए। उन्होंने मौके पर ही प्रशिक्षण रोक दिया और एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर एसडीएम के निलंबन और कार्रवाई की मांग की है।
विवाद यहीं नहीं थमा। रात में जिलेभर के शिक्षक बरेली के दामोदर स्वरूप पार्क पहुंचे और धरने पर बैठ गए। शिक्षक नेताओं ने साफ कहा है कि जब तक एसडीएम सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक शिक्षक जनगणना ड्यूटी में शामिल नहीं होंगे।
इस विरोध के चलते जिले में जनगणना प्रशिक्षण और आगे की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, पूरे मामले पर एसडीएम सुशील मिश्रा की ओर से अभी तक कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
