जोड़ों के दर्द से राहत दिलाएंगे ये 3 योगासन

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यूरिक एसिड समय के साथ-साथ बढ़ने वाली समस्या है। शरीर में इस एसिड के बढ़ने की वजह से व्यक्ति को आर्थराइटिस की समस्या हो जाती है। आर्थराइटिस के वजह से जोड़ों में सूजन आ जाती है, जिस कारण असहनीय दर्द होता है। इस दर्द का असर सेहत पर भी धीरे-धीरे दिखने लगता है। बता दें कि शरीर में यूरिक एसिड का निर्माण कमजोर मेटाबॉलिज्म के कारण होता है। यूरिक एसिड रक्त कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने का काम करता है। लेकिन योग एक ऐसा साधन है जो इस समस्या से छुटकारा दिला सकता है। आज हम आपको 3 ऐसे योगासन बता रहे हैं जिसकी मदद से आप यूरिक एसिड को नियंत्रित कर सकते हैं।

उष्ट्रासन
उष्ट्रासन के अभ्यास से हमारी पीठ स्ट्रेच होती है। इस आसन में सिर थोड़ा झुका हुआ रहता है और पेट उठा हुआ रहता है, इसलिए इस आसन की मदद से पेट और पीठ के निचले हिस्से का परिमार्जन होता है। यह आसन हमारे हिप्स और थाई को मजबूत बनाता है। यह आसन आपकी जांघों पर वसा कम कर देता है। यह आपके कंधे, पीठ, जांघों और बांह को मजबूत करता है, कूल्हे फ्लेक्सोर्स को खोलता है, कोख, गर्दन और पेट को भी टोन करने में सहायक है।
वृक्षासन
वृक्षासन के अभ्यास से केवल शरीर की बीमारियां ही ठीक नहीं होती बल्कि शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट भी बर्न होता है। इस आसन को करने के लिए पेड़ की तरह तनकर खड़े हो जाइए। शरीर का भार अपने पैरों पर डाल दीजिए और दाएं पैर को मोड़िये। दाएं पैर के तलवे को घुटनों के ऊपर ले जाकर बाएं पैर से लगाइये। दोनों हथेलियों को प्रार्थना मुद्रा में लाइये। अपने दाएं पैर के तलवे से बाएं पैर को दबाइये और बाएं पैर के तलवे को ज़मीन की ओर दबाइये। सांस लेते हुए अपने हाथों को सिर के ऊपर ले जाइये। सिर को सीधा रखिए और सामने की ओर देखिये। कुछ देर तक इस स्थिति में रुके रहें।
कपोतासन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं। इसके बाद घुटने के बल शरीर को उठायें। इस बात का ध्यान रखें कि आपको पैरों के बल नहीं खड़ा होना है। अब अपने दोनों हाथों को कमर के नीचे की तरफ जमीन पर टिकाएं। अपनी हथेलियों का सहारा लेते हुए धीरे-धीरे पीछे की तरफ मुड़ जाएं। अब अपने कमर को नीचे की तरफ झुकाते हुए सिर को जमीन से टिकाने का प्रयत्न करें। इसके बाद अपने दोनों हाथों से ध्यानपूर्वक पैरों की एड़ियों को पकड़ लें। अपनी क्षमता के अनुसार आप इस अवस्था में कुछ देर तक रहें। इस आसन को करने से जांघों, एडियों, जोडों, सीने और गले पर दबाव पड़ता है, जिससे आपकी बॉडी लचीली और फैट फ्री बनती है।