यात्रियों की सुरक्षा और बच्चों की मदद के लिए बरेली जंक्शन पर किए गए इंतजामों की जमीनी हकीकत सवाल खड़े कर रही है। स्टेशन परिसर में कई सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं, जबकि बच्चों की सहायता के लिए बनाया गया बूथ भी बंद है। बूथ पर ताला लटका है और आसपास का हिस्सा कबाड़ की तरह नजर आ रहा है। ऐसे में निगरानी व्यवस्था और जरूरतमंद बच्चों को तत्काल सहायता मुहैया कराने के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे यात्रियों की सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और किसी घटना के बाद साक्ष्य जुटाने में अहम भूमिका निभाते हैं। जंक्शन परिसर में छत के नीचे और भवन की बाहरी दीवार पर लगे कैमरों की स्थिति रखरखाव की जरूरत की ओर इशारा कर रही है। कैमरों के आसपास लटकते तार भी व्यवस्था की बदहाली बयां कर रहे हैं। यदि कैमरे काम नहीं कर रहे हैं तो स्टेशन पर निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
बच्चों की मदद के लिए बना बूथ भी बंद
रेलवे परिसर में बाल सहायता बूथ का उद्देश्य जरूरतमंद, बिछड़े या संकट में फंसे बच्चों को मदद उपलब्ध कराना है। बूथ पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े संदेश लिखे हैं, लेकिन बूथ पर ताला लटका है। आसपास की बदहाल स्थिति भी इसकी उपयोगिता पर सवाल उठाती है। ऐसे में जरूरत के समय बच्चों और उनके परिजनों को सहायता कैसे मिलेगी, यह अहम सवाल है।स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थल पर सीसीटीवी निगरानी और बाल सहायता केंद्र का सक्रिय रहना जरूरी है। कैमरों की कार्यशीलता की जांच और बंद बूथ को दोबारा संचालित करने के लिए जिम्मेदार विभागों को ध्यान देने की जरूरत है। बरेली जंक्शन पर कई सीसीटीवी कैमरे खराब होने और बाल सहायता बूथ बंद रहने से यात्रियों की सुरक्षा तथा बच्चों की मदद के इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। बूथ पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का संदेश लिखा है, लेकिन वहां ताला लटका है।
