बाराबंकी, जिले में पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस (पीएनजी) का इस्तेमाल करने वाले परिवारों के लिए अच्छी खबर है। जनपद में पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराने वाले शेष 2500 परिवारों को जल्द कनेक्शन उपलब्ध कराने की तैयारी है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने सोमवार को जनपद स्तरीय पीएनजी गैस नेटवर्क विस्तार समन्वय समिति की बैठक में संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिक से अधिक परिवारों को एलपीजी सिलेंडर से पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (पीएनजी) पर स्थानांतरित करने की रणनीति पर चर्चा हुई। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक लगभग सात हजार परिवार खाना पकाने के लिए पीएनजी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि कुल 9500 परिवारों ने कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। इस तरह पंजीकरण कराने वाले शेष 2500 परिवारों को कनेक्शन उपलब्ध कराया जाना है।
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि नगरपालिका, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), विद्युत विभाग, जिला पंचायत और विनियमित क्षेत्र के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर लंबित कनेक्शन जल्द जारी कराने की कार्रवाई पूरी कराई जाए। बैठक में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार में आने वाली प्रक्रियागत जरूरतों को पूरा करने और उपभोक्ताओं तक गैस सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया गया।
बैठक में नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया गया कि पीएनजी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन समर्पित करना होगा। इसके लिए टोरेंट गैस लिमिटेड और तेल कंपनियों के स्तर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। यानी उपभोक्ता एक साथ पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन नहीं रख सकेंगे।
बैठक में यह भी बताया गया कि जनपद में 21 खुदरा बिक्री केंद्रों के माध्यम से वाहनों को संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) की आपूर्ति की जा रही है। जिले में गैस नेटवर्क के विस्तार और स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए संबंधित विभागों और गैस कंपनियों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर, नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग के प्रतिनिधि तथा तीनों तेल कंपनियों के विक्रय प्रबंधक मौजूद रहे।
