उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 और बिहार की आठ सीटों पर शुक्रवार सुबह आठ बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू हो गया। मतदान शाम चार बजे तक चलेगा। निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के लिए यह चुनाव अहम माना जा रहा है। दोनों दलों ने अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए संगठनात्मक ताकत झोंक दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन नतीजों को दोनों दलों के राजनीतिक प्रभाव और शिक्षक-स्नातक मतदाताओं के बीच पकड़ के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा-सपा की नजर
उत्तर प्रदेश में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर खास नजर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहक्षेत्र और राजनीतिक प्रभाव वाले इलाके में भाजपा और सपा के बीच मुकाबले को लेकर चर्चा है। दोनों दलों ने अपने संगठन को सक्रिय करने के साथ ही सांसदों और विधायकों को चुनाव प्रचार और मतदाताओं से संपर्क की जिम्मेदारी सौंपी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस सीट पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी चुनाव में सक्रियता दिखाई है। सपा ने भाजपा के बागियों के सहारे सत्तारूढ़ दल के प्रभाव वाले क्षेत्र में सेंध लगाने की रणनीति बनाई है।
उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर मतदान
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर मतदान हो रहा है।स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा, मेरठ, इलाहाबाद-झांसी, लखनऊ और वाराणसी शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, लखनऊ, काशी और गोरखपुर-फैजाबाद की सीटें शामिल हैं।
इन 11 सीटों के दायरे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पांच सीटें, लखनऊ क्षेत्र की दो, बुंदेलखंड की एक और पूर्वांचल की तीन सीटें शामिल हैं। ऐसे में यह चुनाव प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक दलों के संगठनात्मक प्रभाव और शिक्षक-स्नातक मतदाताओं के बीच उनकी पकड़ की परीक्षा भी माना जा रहा है।
मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
निर्वाचन आयोग ने संबंधित चुनाव क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। चुनाव क्षेत्रों में पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं और मतदान के लिए पोलिंग पार्टियों को केंद्रों पर भेजा गया है। मतदाता मतपत्र के जरिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी।
बिहार में भी आठ सीटों पर चुनाव
उत्तर प्रदेश के साथ बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर भी शुक्रवार को मतदान हो रहा है। इनमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण के शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। बिहार में चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर दो सीटों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में आरएलएम नेता रामपुकार सिन्हा ने एनडीए के आधिकारिक प्रत्याशी आनंद पुष्कर के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
वहीं, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू ने नीरज कुमार को आधिकारिक प्रत्याशी बनाया है। हालांकि, मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने पार्टी प्रत्याशी के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह को समर्थन दिया है। दोनों राज्यों में विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन 11 सीटों का मुकाबला भाजपा और सपा के लिए अपनी राजनीतिक ताकत परखने का अहम अवसर माना जा रहा है।
