परिवार का पेट पालने मुंबई गया था अखिलेश, ट्रेन की चपेट में आने से मौत; घर में मचा कोहराम

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परिवार की जिम्मेदारियां निभाने और अपनों का पेट पालने के लिए मुंबई में मेहनत-मजदूरी करने गए 22 वर्षीय अखिलेश की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मंगलवार को बेटे की मौत की खबर घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। परिवार का मुख्य आर्थिक सहारा छिनने से माता-पिता और भाई-बहनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में भी शोक की लहर है।

रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के जयसिंहपुर बाजार निवासी राजू के बड़े बेटे अखिलेश मुंबई के एक होटल में काम करते थे। मंगलवार को होटल से निकलने के बाद वह रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोपहर करीब 12 बजे पिता राजू को बेटे की मौत की सूचना मिली तो वह बदहवास हो गए।

तीन साल से मुंबई में रहकर उठा रहे थे परिवार का खर्च

अखिलेश दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़े थे। वह पिछले तीन वर्षो से मुंबई में रहकर परिवार का खर्च उठा रहे थे। पिता राजू राजगीर का काम करते हैं, जबकि मां आरती गृहिणी हैं। अखिलेश की कमाई से ही परिवार का भरण-पोषण होता था। उनके निधन से भाई गोलू और बहनें आंचल व काजल भी गहरे सदमे में हैं।

गांव में शव पहुंचने का इंतजार, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

अखिलेश की मौत की खबर मिलने के बाद घर पर नाते-रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। हर कोई शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने में लगा है, लेकिन अपनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ग्राम प्रधान सुनील कसौधन की मदद से मुंबई से अखिलेश का शव गांव लाने की प्रक्रिया की जा रही है। परिवार और ग्रामीण उनके अंतिम दर्शन के लिए शव के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।

परिवार के सामने खड़ा हुआ आर्थिक संकट

हादसे के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्राम प्रधान सुनील कसौधन की मदद से मुंबई से शव गांव लाने की प्रक्रिया की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद नाते-रिश्तेदारों और ग्रामीणों का घर पर तांता लगा है। परिजन के आंसू थम नहीं रहे हैं और पूरे गांव में शोक का माहौल है।