AI की दौड़ में भारत मजबूत, विश्व बैंक ने टॉप-10 उभरते बाजारों में किया शामिल

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नई दिल्ली। कृत्रिम मेधा यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। विश्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि AI के लिए तैयारी के मामले में भारत शीर्ष 10 अग्रणी उभरते बाजारों में शामिल है। बैंक के मुताबिक देश के पास इस तकनीक का फायदा उठाने के लिए मजबूत आधार मौजूद है।

टेक वर्कफोर्स और डिजिटल इंफ्रा भारत की ताकत

विश्व बैंक की नई रिपोर्ट ‘इंडिया एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस : सीजिंग द डेवलपमेंट अपॉर्चुनिटी’ में भारत की AI क्षमता का आकलन किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत का बड़ा तकनीकी कार्यबल, वैश्विक स्तर पर एकीकृत IT क्षेत्र और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा देश को AI का लाभ उठाने के लिए बेहतर स्थिति में रखते हैं।

विश्व बैंक के अनुसार भारत में AI क्षेत्र में निजी निवेश भी तेजी से बढ़ा है। 2024 में 1.2 अरब डॉलर का निजी निवेश हुआ था, जो 2025 में तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 4.1 अरब डॉलर हो गया।

GCC में पेशेवरों की संख्या भी बढ़ी

रिपोर्ट में वैश्विक क्षमता केंद्र यानी GCC से जुड़े पेशेवरों की संख्या में भी बढ़ोतरी का जिक्र किया गया है। एक साल पहले यह संख्या 19 लाख थी, जो 2025 में बढ़कर 23.6 लाख हो गई।

हालांकि विश्व बैंक ने आगाह किया है कि अर्थव्यवस्था और श्रम बाजार पर AI के दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।

AI का फायदा व्यापक बनाने पर जोर

विश्व बैंक ने AI से मिलने वाले लाभ को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए कई स्तरों पर नीतिगत कदम उठाने की जरूरत बताई है। इनमें AI के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, कारोबारी माहौल बेहतर बनाना, AI तक पहुंच बढ़ाना और कार्यबल की क्षमता विकसित करना शामिल है।

विश्व बैंक के भारत के कार्यवाहक कंट्री निदेशक पॉल प्रोसी ने कहा कि AI की तैयारी के मामले में भारत शीर्ष 10 अग्रणी उभरते बाजारों में शामिल है। उनके मुताबिक AI को केवल तकनीक के तौर पर नहीं, बल्कि विकास के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाए तो यह उत्पादकता बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए प्रभावी माध्यम बन सकता है।

2026 में 6.9% रह सकती है दक्षिण एशिया की वृद्धि

‘इंडिया डेवलपमेंट अपडेट’ विश्व बैंक समूह की ‘साउथ एशिया इकॉनमिक अपडेट’ की सहयोगी रिपोर्ट है। इसमें दक्षिण एशिया की आर्थिक वृद्धि और संभावनाओं की समीक्षा की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में दक्षिण एशिया की आर्थिक वृद्धि 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके साथ ही दक्षिण एशिया दुनिया का सबसे तेज वृद्धि वाला क्षेत्र बना रहेगा।

स्थानीय जरूरत के मुताबिक AI अपनाने की सलाह

विश्व बैंक का कहना है कि दक्षिण एशिया के अधिकतर देशों को AI से सबसे बड़ा लाभ इसे अपनी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने और ढालने से मिल सकता है। इसमें सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त ‘स्मॉल AI’ एप्लिकेशन भी शामिल हैं।

विश्व बैंक समूह की मुख्य अर्थशास्त्री (एशिया) फ्रांजिस्का ओह्नसॉर्गे ने कहा कि AI श्रम उत्पादकता बढ़ाने, निर्यात के अवसरों का विस्तार करने और सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति बेहतर करने के जरिए दक्षिण एशिया के विकास की दिशा बदल सकता है।

हालांकि उन्होंने कहा कि इन लाभों को हासिल करने के लिए सरकारों को AI को अपनाने की राह में आने वाली बुनियादी कमियों और बाधाओं को दूर करना होगा।

कौशल और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने की सिफारिश

‘इंडिया डेवलपमेंट अपडेट’ में कार्यबल के कौशल को मजबूत करने, कारोबार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने और भौतिक व डिजिटल बुनियादी ढांचे में सुधार की सिफारिश की गई है।