Rajya Sabha Elections: भाजपा आज घोषित कर सकती है यूपी के उम्मीदवार, जातीय-क्षेत्रीय समीकरणों पर नजर

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को होने वाले द्विवार्षिक चुनाव को लेकर भाजपा सोमवार को अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर सकती है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 06 अक्टूबर है। ऐसे में उम्मीदवारों की सूची को लेकर पार्टी के भीतर मंथन अंतिम दौर में पहुंच गया है।

विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा का आठ सीटों पर जीत हासिल करना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं 403 सदस्यीय विधानसभा में 101 विधायक वाली समाजवादी पार्टी दो सीटें जीतने की स्थिति में है। सपा ने पूर्व राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के वरिष्ठ कार्यकारी धनराज नाथवाणी को मैदान में उतारा है। पार्टी की ओर से तीसरी सीट पर भी दावा किए जाने के संकेत मिले हैं। इसके बाद संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

तीन महिलाओं को मिल सकता है मौका

भाजपा में प्रत्याशियों के चयन के दौरान जातीय, महिला और क्षेत्रीय संतुलन को प्रमुखता दी जा रही है। पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, कम से कम तीन महिलाओं को उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। दोनों को उत्तर प्रदेश से एक बार फिर मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।

संभावित दावेदारों में अगस्त में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी के नाम भी चर्चा में हैं। इनके अलावा प्रदेश के नेता सुब्रत पाठक, रमापति राम त्रिपाठी और दुर्विजय शाक्य भी संभावित उम्मीदवारों की दौड़ में बताए जा रहे हैं। हालांकि भाजपा ने अभी किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा चयन

अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में राज्यसभा प्रत्याशियों के चयन को आगामी विधानसभा चुनाव के जातीय और सामाजिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि उम्मीदवारों की सूची के जरिए भाजपा अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच अपने राजनीतिक संतुलन का संदेश दे सकती है।

दिनेश शर्मा के इस्तीफे से एक सीट हुई खाली

पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने 11 सितंबर को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्हें अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी का कार्यकाल भी नवंबर में समाप्त हो रहा है। बहुजन समाज पार्टी के रामजी गौतम का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है।

1994 के बाद पहली बार राज्यसभा में नहीं होगी बसपा

विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के कारण बसपा इस बार राज्यसभा की कोई सीट जीतने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में 1994 के बाद यह पहला अवसर होगा, जब राज्यसभा में बसपा का कोई प्रतिनिधित्व नहीं रहेगा।

भाजपा को एक और सीट मिलने की उम्मीद

राज्यसभा में फिलहाल 116 सदस्यों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। इन चुनावों के बाद पार्टी को एक और सीट मिलने की उम्मीद है। उत्तराखंड की एक सीट के लिए भी उपचुनाव होगा, जहां भाजपा प्रत्याशी की जीत लगभग तय मानी जा रही है। पश्चिम बंगाल में भी राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव होना है।

इन चुनावों के बाद 245 सदस्यीय राज्यसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की संख्या बढ़कर 154 होने की संभावना है।