लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन संस्कृति केवल अतीत को याद करने की परंपरा नहीं है, बल्कि यह अतीत को वर्तमान और वर्तमान को भविष्य से जोड़ने वाली जीवन-दृष्टि है। पितृ पक्ष इसी भाव को आत्मसात करने का अवसर देता है। पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ उनकी संस्कृति, संस्कार और जीवन-मूल्यों को आगे बढ़ाना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के नाम संदेश में कहा कि पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध के जरिए लोग अपने पूर्वजों का स्मरण करते हैं और उनके प्रति आभार प्रकट करते हैं। पिंडदान यह स्मरण कराता है कि आज हमारी पहचान और उपलब्धियों के पीछे पूर्वजों का तप, त्याग, मेहनत और संस्कार भी जुड़े हैं।
विरासत को सुरक्षित रखना हमारा धर्म
सीएम योगी ने कहा कि पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता केवल परंपरा निभाना नहीं, बल्कि अपनी विरासत को समझने का संस्कार है। पिछली पीढ़ियों से मिली विरासत को सुरक्षित रखते हुए उसे आने वाली पीढ़ियों तक और समृद्ध रूप में पहुंचाना हमारा दायित्व है।
उन्होंने कहा कि सनातन विकास की यही सोच परिवार को जोड़ती है, समाज को अपनी जड़ों से जोड़े रखती है और प्रदेश व राष्ट्र को नई ऊर्जा देती है।
पितृ सेवा का भाव समाज और प्रकृति से भी जुड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में ऐसे अनेक उदाहरण मिलते हैं, जब लोगों ने अपने आराध्य से जुड़े शासकों की ओर से पानी के लिए बनवाए गए सरोवरों और कुओं को पितृ सेवा के रूप में देखा। इससे स्पष्ट होता है कि सनातन परंपरा में पूर्वजों का स्मरण केवल कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी शामिल है।
योगी ने कहा कि इस विरासत को केवल याद करने तक सीमित रखने के बजाय उसे अपने व्यवहार और जीवन में उतारना चाहिए। परिवार के बुजुर्गों का सम्मान, बच्चों को संस्कारों से परिचित कराना और ज्ञान, सेवा व सदाचार की परंपरा को आगे बढ़ाना जरूरी है। यही परंपरा पीढ़ियों को जोड़ने के साथ भविष्य को दिशा देती है।
स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए सरकार की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वजों से मिली स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की विरासत को आगे बढ़ाना सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी है। प्रदेश सरकार प्रत्येक परिवार के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है।
इसी क्रम में एक से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 12 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा।
घर-घर पहुंचेंगे स्वास्थ्यकर्मी
योगी ने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छता, बीमारी के लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करेंगे।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में चलने वाला यह अभियान मच्छरजनित रोगों समेत अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सामूहिक प्रयास और जनजागरूकता के जरिए संक्रमण को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
‘दस्तक’ को हर घर की स्वास्थ्य जागरूकता से जोड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने, आसपास गंदगी न होने देने और जलभराव रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि बुखार जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर उपचार कराएं।
योगी ने लोगों से ‘दस्तक’ अभियान को हर घर तक स्वास्थ्य जागरूकता पहुंचाने का माध्यम बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज के आधार पर ही विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
