नाथ नगरी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दस्तक अब केवल बड़े कारोबारी ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर से निकलकर जांच की आंच देहात तक पहुंच गई है। फतेहगंज पश्चिमी के चिटौली गांव में फेरी लगाकर कपड़े बेचने वाले पोशाकी लाल के घर हालिया छापेमारी ने पूरे जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। वहीं, कारोबारियों में भी इस बात को लेकर आपस में चर्चाएं शुरु हो गई हैं। एक सामान्य फेरीवाले के खाते में इतनी बड़ी रकम का लेनदेन कैसे हुआ?
आतंकवाद, हवाला, साइबर फ्रॉड, ड्रग्स की तस्करी से जुड़े मामलों का बरेली कनेक्शन पहले से ही राष्ट्रीय जांच एवं सुरक्षा एजेंसियों का चिंता कारण रहा है। मादक पदार्थों की स्मगलिंग की कहानी तो कुछ ऐसी है कि एंट्री नारकोटिक्स टास्क फोर्स सहित कई एजेंसियां बरेली शहर से देहात तक लगातार यहां सक्रिय होकर तस्कर नेटवर्क से जुड़े अपराधियों की धरपकड़ में जुटी नजर आती हैं। अब जिस तरह से बरेली में ईडी एक्शन बढ़ रहे हैं, उससे मध्य यूपी का यह जिला अलग तरह की चर्चाओं में आ रहा है।
अबकी बार चर्चा में पोशाकी बरेली वाला
ईडी एक्शन के बाद चर्चाओं में आए फेरी विक्रेता पोशाकी लाल की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया है कि उसके आधार और पैन का दुरुपयोग कर खाता खोला गया। दूसरी ओर, ईडी इसी खाते में हुए बड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है। बता दें कि चिटौली गांव में हुई कार्रवाई से पहले जून में ईडी ने महानगर में सिविल लाइंस के मोबाइल कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के आवास और कारोबारी ठिकानों पर छापेमारी की थी। आरोप था कि 100 करोड़ रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में कार्रवाई हुई थी। टीम ने स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, डिजिटल सामग्री और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज खंगाले। कार्रवाई कई दिनों तक जारी रही रहा।
सामान्य चेहरों की असमान्य कहानी सवालों में
अगस्त 2026 में ईडी की टीम नवाबगंज के हिमकरपुर चमरुआ गांव पहुंची थी। यहां कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के पैतृक आवास पर तलाशी ली गई। कार्रवाई कर्नाटक लोक सेवा आयोग की परीक्षा में कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं की जांच से जुड़ी बताई गई। बाद में ईडी ने आधिकारिक तौर पर बताया कि गंगवार को कर्नाटक में परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार किया गया। इससे पहले बरेली में करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी कन्हैया लाल गुलाटी और उससे जुड़े कैनविज ग्रुप के खिलाफ भी ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने गुलाटी समेत 12 लोगों को नोटिस जारी किए थे। इस मामले में बरेली में दर्ज मुकदमों और कथित वित्तीय अनियमितताओं की कड़ियां ईडी की जांच के दायरे में आईं है। जिले में सामने आए मामले कहीं जीएसटी फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़ रहे हैं तो कहीं अनियमिता से। अब सामान्य फेरीवाले के खाते में असामान्य ट्रांजिक्शन को लेकर ईडी एक्शन चर्चा में है।
