राम गोविंद चौधरी के निधन पर भावुक हुए अखिलेश यादव, पार्थिव शरीर पर रखा पार्टी का झंडा; कहा- समाजवादी आंदोलन को बड़ी क्षति

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उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी के निधन से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। शुक्रवार रात लखनऊ के एसजीपीजीआई में करीब 74 वर्षीय राम गोविंद चौधरी ने अंतिम सांस ली। शनिवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ के निशातगंज स्थित मेट्रो सिटी अपार्टमेंट पहुंचे और उनके पार्थिव शरीर पर समाजवादी पार्टी का झंडा रखकर अंतिम श्रद्धांजलि दी। इस दौरान अखिलेश यादव भावुक नजर आए।

अखिलेश यादव ने राम गोविंद चौधरी के निधन को समाजवादी आंदोलन और समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि चौधरी समाजवादी आंदोलन की उस पीढ़ी से थे, जिसने शुरुआती दौर में समाजवाद की पहचान बनाने के लिए संघर्ष किया। अखिलेश ने कहा कि राम गोविंद चौधरी ने अपना पूरा जीवन समाजवादी आंदोलन को दिया और उनका राजनीतिक जीवन संघर्ष से भरा रहा।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि चौधरी अपनी बात बेहद प्रभावी ढंग से रखते थे। उनके निधन से समाजवादी आंदोलन और समाजवादी पार्टी को बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में समाजवादी पार्टी के लोग उनके परिवार के साथ खड़े हैं।

दयाशंकर सिंह समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

राम गोविंद चौधरी के आवास पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी उनके आवास पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने भी उनके निधन पर शोक जताया है। बलिया के बांसडीह से भाजपा विधायक केतकी सिंह ने भी राम गोविंद चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद चौधरी उनके लिए अभिभावक के समान थे। उन्होंने जनसेवा, जमीनी संघर्ष और समाजवादी विचारधारा के प्रति उनके योगदान को याद किया। प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी चौधरी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राम गोविंद चौधरी गरीबों, कमजोर वर्गों, पिछड़ों, दलितों और वंचितों की आवाज उठाने वाले नेता थे।

छात्र राजनीति से शुरू हुआ था सफर

राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। बलिया जिले से आने वाले चौधरी ने 1977 में तत्कालीन चिलकहर विधानसभा सीट से पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद उन्होंने कई बार विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया और कुल आठ बार विधायक रहे।

वर्ष 1990-91 के दौरान मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने मंत्री पद संभाला। बाद में 2012 में बांसडीह से विधानसभा चुनाव जीतकर अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री बने। उन्हें बेसिक शिक्षा समेत अन्य महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली।

2017 में बने थे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष

2017 के विधानसभा चुनाव में बांसडीह से जीत दर्ज करने के बाद राम गोविंद चौधरी को उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। उन्होंने वर्ष 2017 से 2022 तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली। लंबे राजनीतिक जीवन में वह समाजवादी पार्टी के संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहे। राम गोविंद चौधरी के निधन के साथ ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनके करीब पांच दशक लंबे राजनीतिक सफर का अंत हो गया। उनके निधन की खबर के बाद बलिया से लेकर लखनऊ तक सपा कार्यकर्ताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक जताया।