हर बच्चे को सम्मान, स्नेह और आगे बढ़ने का अवसर मिले: डॉ. राजेश्वर सिंह

Lucknow
  • दृष्टि के विशेष बच्चों के बीच पहुंचे विधायक, ₹20 लाख की सहायता की प्रतिबद्धता; Digital TV व Sound System देने का संकल्प, 150 साड़ियों से सेवाकर्मियों का सम्मान

लखनऊ, 15 सितंबर। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह मंगलवार को वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी शरद प्रधान के साथ जानकीपुरम विस्तार स्थित दृष्टि सामाजिक संस्थान पहुंचे और विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों के बीच आत्मीय समय बिताया। उन्होंने बच्चों को फल व चॉकलेट वितरित कर उनसे संवाद किया तथा संस्था की जरूरतों की जानकारी ली। डॉ. सिंह ने ट्रस्ट के माध्यम से संस्था को ₹20 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई। बच्चों की शिक्षा, मनोरंजन और सामूहिक गतिविधियों के लिए Digital TV और Sound System उपलब्ध कराने के साथ भविष्य में शैक्षणिक एवं मनोरंजक भ्रमण के लिए आवश्यकतानुसार बसों की व्यवस्था में सहयोग का भी भरोसा दिया। बच्चों की निःस्वार्थ सेवा में जुटे कर्मचारियों और सहयोगियों के सम्मान के लिए उन्होंने 150 साड़ियां भी प्रदान कीं।

  • 265 बच्चों के लिए घर और परिवार है दृष्टि

वर्ष 1990 में स्वर्गीय नीता बहादुर द्वारा स्थापित दृष्टि सामाजिक संस्थान पिछले 35 वर्षों से निराश्रित, दिव्यांग, बहु-दिव्यांग एवं विशेष बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, देखभाल और पुनर्वास के लिए कार्य कर रहा है। वर्तमान में संस्था में 265 बच्चे निवास कर रहे हैं, जिनकी देखभाल के लिए 143 कर्मचारियों की टीम दिन-रात समर्पित है। अनेक बच्चों के लिए दृष्टि केवल एक संस्था नहीं, बल्कि उनका घर और परिवार बन चुका है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सच्ची समाजसेवा को समझने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को एक बार दृष्टि आकर इन बच्चों और उनकी सेवा में जुटे लोगों से मिलना चाहिए।

  • 35 वर्षों की सेवा को बताया मानवता की मिसाल

डॉ. सिंह ने संस्थापिका स्वर्गीय नीता बहादुर के सेवा-संकल्प को नमन करते हुए अध्यक्ष धीरेश बहादुर, अथर्व बहादुर, शालू बहादुर, मैनेजर रोहित सहित पूरी टीम के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि 35 वर्षों तक विशेष बच्चों की जिम्मेदारी निभाना केवल सेवा नहीं, बल्कि करुणा और मानवता की प्रेरणादायी साधना है। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं, ट्रस्टों, समाजसेवियों, सक्षम नागरिकों और Corporate CSR संगठनों से दृष्टि के साथ जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि सहयोग केवल धन से नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, संसाधन, समय और स्नेह के माध्यम से भी किया जा सकता है। संस्था की वर्तमान और दीर्घकालिक जरूरतों की Consolidated Requirement List तैयार कर ट्रस्टों, CSR संगठनों और समाजसेवियों के साथ साझा करने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा, जिससे संस्था को निरंतर और व्यवस्थित सहयोग मिल सके।

  • बच्चों के सम्मान और अवसर को बताया समाज की असली प्रगति

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि किसी समाज की वास्तविक प्रगति इस बात से तय होती है कि वह उन बच्चों को कितना सम्मान, सुरक्षा और अवसर देता है, जिन्हें सबसे अधिक सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार नागरिक वही है, जो अपने परिवार के साथ समाज के बच्चों के भविष्य की भी चिंता करे। उन्होंने सभी से मिलकर यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि कोई भी बच्चा स्नेह, सम्मान और आगे बढ़ने के अवसर से वंचित न रहे।