बीबीएयू में व्यावसायिक शिक्षा पर पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू

Lucknow
  • 75 जिलों के करीब 100 शिक्षक और कौशल प्रशिक्षक ले रहे हिस्सा

लखनऊ, 7 सितंबर 2026। बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ में पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (पीएसएससीआईवीई), राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम 7 से 11 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।

  • 75 जिलों के शिक्षक और कौशल प्रशिक्षक ले रहे भाग

कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से करीब 100 शिक्षक एवं कौशल प्रशिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-विद्यालयी शिक्षा 2023 के अनुरूप मध्य स्तर पर व्यावसायिक एवं कौशल शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।

  • दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम् से हुआ शुभारंभ

उद्घाटन सत्र की शुरुआत दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना, विश्वविद्यालय कुलगीत तथा राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुई। कार्यक्रम में अपर राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा विष्णु कांत पांडेय मुख्य अतिथि, एचसीएल फाउंडेशन के उप महाप्रबंधक योगेश कुमार विशिष्ट अतिथि तथा आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. नवीन अरोड़ा उपस्थित रहे।

  • व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने पर जोर

मुख्य अतिथि विष्णु कांत पांडेय ने व्यावसायिक शिक्षा को सुदृढ़ करने और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-विद्यालयी शिक्षा 2023 के अनुरूप विद्यार्थियों को उपयोगी एवं प्रासंगिक कौशल प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। योगेश कुमार ने कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। प्रो. नवीन अरोड़ा ने शिक्षकों के प्रभावी क्षमता निर्माण की आवश्यकता रेखांकित की।

अनुभवात्मक अधिगम में शिक्षकों की अहम भूमिका

पीएसएससीआईवीई, एनसीईआरटी के संयुक्त निदेशक प्रो. दीपक पालिवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-विद्यालयी शिक्षा 2023 की परिकल्पना को सार्थक एवं अनुभवात्मक अधिगम की प्रक्रियाओं में बदलने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई।

बैगलेस दिवस और कौशल बोध पर विशेष ध्यान

कार्यक्रम समन्वयक प्रो. शैलजा दीक्षित ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक अधिगम पर विशेष ध्यान दिए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कौशल आधारित बैगलेस दिवस, कौशल बोध तथा ‘माई करियर एडवाइजर’ अनुप्रयोग के माध्यम से शिक्षकों की क्षमता विकसित करने और विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल के साथ बेहतर एवं सूचित करियर विकल्प चुनने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया।

कौशल शिक्षा के महत्व को किया रेखांकित

पीएसएससीआईवीई के प्रोफेसर प्रो. पंकज मेहता ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कौशल शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के माध्यम से अनुभवात्मक, कौशल आधारित और कार्य केंद्रित अधिगम को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

उद्घाटन सत्र का समापन बीबीएयू के समन्वयक डॉ. अर्पित शैलेश के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके बाद राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया।