लखनऊः भारतीय जनता पार्टी के संगठन में बड़े बदलाव की चर्चा के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया अंतिम दौर में बताई जा रही है और नई टीम का ऐलान जल्द होने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, नई टीम में युवा और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन साधने पर जोर रहेगा। संगठन में नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर आगामी चुनावों के लिए नई रणनीति तैयार करने की कोशिश की जा सकती है।
स्मृति ईरानी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
चर्चा में सबसे प्रमुख नाम स्मृति ईरानी का है। सूत्रों के मुताबिक उन्हें नितिन नवीन की टीम में शामिल कर महामंत्री की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
हालांकि, स्मृति ईरानी की संभावित नियुक्ति और उन्हें राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल सूत्रों के हवाले से सामने आई संभावना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
विनोद तावड़े और सुनील बंसल के बने रहने की चर्चा
नई टीम में बीजेपी के अनुभवी संगठनात्मक चेहरों को भी बनाए रखने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक विनोद तावड़े और सुनील बंसल नितिन नवीन की टीम में बने रह सकते हैं।
विनोद तावड़े वर्तमान में बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
हरीश द्विवेदी को महामंत्री बनाए जाने की चर्चा
बीजेपी नेता हरीश द्विवेदी का नाम भी संभावित महामंत्रियों में चर्चा में है। वह उत्तर प्रदेश के बस्ती से पूर्व लोकसभा सांसद रह चुके हैं और फिलहाल बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव हैं।
सूत्रों के मुताबिक, उन्हें नई टीम में महामंत्री की जिम्मेदारी मिल सकती है। पार्टी के संगठनात्मक समीकरणों में उनका अनुभव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संजय भाटिया का नाम भी चर्चा में
नई टीम को लेकर सामने आ रही संभावित सूची में संजय भाटिया का नाम भी शामिल है। वह बीजेपी से जुड़े अनुभवी संगठनात्मक चेहरों में गिने जाते हैं और एबीवीपी से भी जुड़े रहे हैं।
बता दें कि संजय भाटिया 2026 में हरियाणा से राज्यसभा के लिए बीजेपी के उम्मीदवारों में शामिल रहे हैं।
महिलाओं को 33 फीसदी प्रतिनिधित्व देने की चर्चा
नई टीम को लेकर एक बड़ा दावा यह भी है कि संगठन में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है। हालांकि, यह आंकड़ा और अंतिम पदाधिकारियों की सूची पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने भी पहले पार्टी संगठन में महिलाओं की भागीदारी और महिला आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी के रुख का उल्लेख किया है।
Gen-Z को साधने के लिए युवाओं पर फोकस?
नई टीम में युवा चेहरों को जगह देने की चर्चा के पीछे बदलते युवा वोटर का समीकरण भी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी संगठन में ऐसे नेताओं को जिम्मेदारी देने पर विचार कर सकती है, जो नई पीढ़ी की अपेक्षाओं और राजनीतिक रुझानों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
खासकर उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए युवा मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाना बीजेपी की रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है।
2027 के चुनाव होंगे सबसे बड़ी परीक्षा
नितिन नवीन की नई टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती आगामी विधानसभा चुनाव होंगे। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों में चुनावी तैयारियां आगे बढ़नी हैं।
इनमें उत्तर प्रदेश को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने हाल में उत्तर प्रदेश के करीब 20 सांसदों से अलग-अलग मुलाकात कर राज्य के राजनीतिक माहौल और 2027 की तैयारियों को लेकर फीडबैक लिया है। इन बातचीत में जातीय समीकरण और पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
केरल में भी बीजेपी को लगा झटका
इसी बीच केरल में बीजेपी को संगठनात्मक झटका लगा है। अभिनेता देवन ने बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष पद के साथ पार्टी से इस्तीफा दिया है।
