अयोध्या। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 31वें दीक्षांत समारोह में बुधवार को मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने समारोह में 120 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए।
इनमें छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में बेहतर रहा। कुल 86 छात्राओं और 34 छात्रों को स्वर्ण पदक मिले। समारोह की शुरुआत दीक्षांत शोभायात्रा के साथ हुई।
72 कुलाधिपति, 30 कुलपति और 18 प्रायोजित पदक
विश्वविद्यालय के अनुसार प्रदान किए गए 120 स्वर्ण पदकों में 72 कुलाधिपति स्वर्ण पदक, 30 कुलपति पदक और 18 प्रायोजित स्वर्ण पदक शामिल हैं।
पदक हासिल करने वाले मेधावियों में दो ऐसे छात्र-छात्राएं हैं, जिन्हें तीन-तीन स्वर्ण पदक मिले हैं। वहीं 12 मेधावियों ने दो-दो स्वर्ण पदक हासिल किए। इसके अलावा 90 मेधावियों को एक-एक स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
छात्राओं ने फिर दिखाया शानदार प्रदर्शन
स्वर्ण पदकों के आंकड़ों में छात्राओं की हिस्सेदारी उल्लेखनीय रही। कुल 120 पदकों में से 86 छात्राओं ने अपने नाम किए, जबकि 34 छात्रों को स्वर्ण पदक मिला।
यह उपलब्धि समारोह में छात्राओं की शैक्षणिक सफलता और लगातार बेहतर प्रदर्शन को रेखांकित करती है।
1,66,055 उपाधियां डिजिलॉकर में लॉक
दीक्षांत समारोह के दौरान कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अवध विश्वविद्यालय की 1,66,055 उपाधियों को डिजिलॉकर में लॉक किया। डिजिटल माध्यम से उपाधियों को सुरक्षित करने की यह प्रक्रिया विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उनकी शैक्षणिक डिग्रियों की डिजिटल उपलब्धता सुनिश्चित होती है।
चार शिक्षकों को भी किया गया सम्मानित
समारोह में कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय के चार शिक्षकों को उत्कृष्ट शिक्षा, शोध समेत विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए सम्मानित किया।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।
मेधावियों के लिए यादगार बना दीक्षांत समारोह
दीक्षांत समारोह छात्रों की वर्षों की मेहनत के सम्मान का अवसर रहा। स्वर्ण पदक हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह दिन खास उपलब्धि लेकर आया। खास तौर पर 86 छात्राओं का स्वर्ण पदक हासिल करना समारोह के प्रमुख आकर्षणों में रहा।
