- नीट-यूजी सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए उच्चस्तरीय समिति बने : अभाविप
नई दिल्ली। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने नीट-यूजी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और संस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार से उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की है। परिषद ने कहा कि विद्यार्थियों की न्यायोचित समस्याओं का समाधान संवाद, पारदर्शिता और संस्थागत सुधारों के माध्यम से होना चाहिए, जबकि हिंसक टकराव और अराजकता लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत हैं।
अभाविप ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वह शुरू से ही प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के विरुद्ध विद्यार्थियों के साथ खड़ी रही है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष जांच, जवाबदेही तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग करती रही है। परिषद का कहना है कि वर्ष 2024 से लगातार नीट-यूजी सहित विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर वह विद्यार्थियों के हित में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
परिषद ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक स्वार्थ और राष्ट्रविरोधी तत्व विद्यार्थियों के आंदोलनों की आड़ में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। अभाविप ने स्पष्ट किया कि छात्रशक्ति का उपयोग किसी राजनीतिक एजेंडे या देशविरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए और विद्यार्थी ऐसे प्रयासों का माध्यम नहीं बनेंगे।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार एक उच्चस्तरीय समिति गठित कर परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारों पर समयबद्ध सुझाव लागू करे, ताकि विद्यार्थियों का विश्वास और मजबूत हो तथा भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
