उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम बच्चे आरव को जमीन पर पटक-पटककर मौत के घाट उतारने वाले बदायूं के कातिल विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। पूरे देश को झकझोर देने वाली इस घटना में कोर्ट ने 41 दिन के अंदर दोषी को सजा सुना दी। जिला जज डॉ. डब्बू सारंग की कोर्ट से फांसी की सजा सुनते ही कातिल फूट-फूटकर रोने लगा। कोर्ट ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में 30 मई को एक खौफनाक घटना घटी। यादव कॉलोनी में बदायूं के विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने आरव को 27 सेकेंड में 8 बार जमीन पर पटक-पटककर मार डाला था। सीसीटीवी फुटेज में उसकी हैवानियत देखकर रूह कांप गई थी। डेढ़ साल के मासूम बच्चे से किसी की क्या ही दुश्मनी हो सकती है? इस सवाल और उसकी हत्या के तरीके ने फिरोजाबाद ही नहीं बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया था।
फिरोजाबाद जनपद न्यायालय में केस की सुनवाई हुई। जिला जजल डॉ. डब्बू सारंग की अदालत ने 41 दिन के अंदर केस की सुनवाई पूरी करके, दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुना दी। कोर्ट ने इसे दुर्लभ से दुर्लभतम, जघन्य श्रेणी का अपराध माना है।
बच्चे की मां से करना चाहता था शादी
फिरोजाबाद के अरांव के बमई गांव की रति शर्मा की शादी, वर्ष 2024 में बदायूं के सुमित कुमार के साथ हुई थी। दोनों का एक बच्चा था आरव। शादी के कुछ दिन बाद पति-पत्नी में अनबन हो गई। रति अपने मायके फिरोजाबाद चली गईं। सुलह नहीं हुई तो रति अपने पति सुमित के खिलाफ कानूनी लड़ाई का रास्ता तलाशने लगीं। पति-पत्नी के विवाद का फायदा उठाने के लिए विराज उर्फ जितेंद्र पाठक की एंट्री हुई। उसने रति के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन उसने खारिज कर दिया।
शिकोहाबाद पहुंचा विराज
विराज, रति के पति सुमति का फुफेरा भाई है। 30 मई को रति अपनी मां और बच्चे के साथ शिकोहाबा के एक वकील से मिलने गई थीं। मुलाकात में देरी पर वह अपनी रिश्तेदारी में चली गईं। विराज भी वहां पहुंच गया। उसने दोबारा रति के साथ शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन उसने इस बार भी खारिज कर दिया। इसके बाद आरोपी उसके डेढ़ साल के बेटे आरव को टॉफी दिलाने के बहाने बाहर लेकर गया। यहां उसने बच्चे को पटक-पटककर मार डाला।
शेखूपुर का रहने वाला है विराज
डेढ़ साल के मासूम आरव का कातिल विराज उसका रिश्ते का चाचा है और वह बदायूं के शेखूपुर का रहने वाला है। उसकी इस घिनौनी और खौफनाक हरकत ने हर किसी को झकझोर दिया। सीसीटीवी फुटेज देखने वालों ने कलेजा पकड़ लिया और हर तरफ से फांसी की सजा की मांग उठने लगी। हालांकि उसका अपराध ही इतना जघन्य था कि कोर्ट ने भी फांसी की सजा सुना दी।
