UP Waqf Board: नए कानून के तहत होगा बोर्ड का गठन, बोले मंत्री दानिश अंसारी- गैर-मुस्लिम सदस्यों को भी मिलेगी जगह

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का वक्फ संशोधन अधिनियम पूरे देश में लागू है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में भी जब वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन होगा, तो वह नए कानून के प्रावधानों के अनुरूप ही किया जाएगा।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कानून सभी राज्यों पर समान रूप से लागू होता है। इसलिए उत्तर प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड का गठन निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगा।

बोर्ड में महिलाओं, पसमांदा और गैर-मुस्लिमों को मिलेगा प्रतिनिधित्व

दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि नए बोर्ड में पसमांदा मुस्लिम समाज, पिछड़े वर्ग, महिलाओं और मुस्लिम समाज के अन्य वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। इसके अलावा कानून के अनुसार दो गैर-मुस्लिम सदस्यों का भी मनोनयन किया जाएगा।

मध्य प्रदेश बना पहला राज्य

दरअसल, मध्य प्रदेश की सरकार ने हाल ही में वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए उसमें दो हिंदू सदस्यों को शामिल किया है। वक्फ (संशोधन) अधिनियम लागू होने के बाद यह देश का पहला राज्य स्तरीय वक्फ बोर्ड है, जिसमें गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति की गई है। अंसारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी बोर्ड का गठन इसी कानूनी ढांचे के तहत किया जाएगा और सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।