नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक 5 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून देश के ज्यादातर हिस्सों में सक्रिय रहेगा। पूर्वी और मध्य भारत में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। IMD ने लोगों से खराब मौसम में सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइन फॉलो करने की अपील की है।
मध्य भारत: MP, छत्तीसगढ़, विदर्भ में तेज बारिश
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मॉनसून सबसे ज्यादा असर दिखाएगा। यहां कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम MP और विदर्भ के कुछ इलाकों में लगातार बारिश से जलभराव और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है।
छत्तीसगढ़ में भी तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
पूर्वी भारत: ओडिशा, बंगाल में बहुत भारी बारिश का खतरा
ओडिशा में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड और बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
सिक्किम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में स्थानीय स्तर पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
उत्तर भारत: उत्तराखंड में भारी बारिश, दिल्ली-NCR में हल्की फुहारें
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल में भी कई इलाकों में तेज बारिश का अनुमान है।
जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिलेगी। पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में भी बारिश जारी रहेगी। पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों के लिए भारी बारिश की चेतावनी है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कई जगह बारिश होगी।
ओडिशा में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड और बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
सिक्किम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में स्थानीय स्तर पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
