- देश में अपनी तरह की पहली पहल, विद्यालयों को लिखा आमंत्रण पत्र
लखनऊ, 27 जून। पर्यावरण संरक्षण, जल सुरक्षा और सतत विकास की दिशा में सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने एक अभिनव पहल की है। उन्होंने सरोजनीनगर के विद्यालयों को पत्र लिखकर नेट ज़ीरो सरोजनीनगर मिशन 2040 के तहत निःशुल्क रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित कराने का आमंत्रण दिया है। इस अभियान का उद्देश्य विद्यालयों को जल संरक्षण, पर्यावरणीय नेतृत्व और सतत विकास के केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसे देश की किसी भी विधानसभा में अपनी तरह की पहली पहल बताया जा रहा है।
- ‘डिजिटल से ग्रीन स्कूल’ अभियान की शुरुआत
इस पहल के पहले चरण में उन 60 विद्यालयों को शामिल किया गया है, जिन्हें पहले डिजिटल लैब से सुसज्जित किया जा चुका है। इन विद्यालयों में निःशुल्क रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित कर उन्हें “डिजिटल से ग्रीन स्कूल” मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य विद्यालयों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह पहल शिक्षा, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण को एक मंच पर लाने का प्रयास है।
- विद्यालय बनेंगे पर्यावरणीय बदलाव के केंद्र
विद्यालयों को लिखे पत्र में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके विद्यालयों में आकार लेता है। विद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरोजनीनगर को भारत की पहली नेट ज़ीरो विधानसभा बनाना है, तो इसकी शुरुआत विद्यालयों से ही होनी चाहिए।
- भूजल संरक्षण पर दिया विशेष जोर
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा भूजल उपभोक्ता देश है और जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा तथा लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए अब केवल जागरूकता नहीं, बल्कि व्यवहारिक समाधान आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी स्वयं वर्षा जल संचयन की प्रक्रिया को समझेंगे, तब जल संरक्षण उनके जीवन का हिस्सा बन जाएगा।
- विद्यालयों पर नहीं आएगा कोई आर्थिक बोझ
उन्होंने बताया कि इच्छुक विद्यालयों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली पूरी तरह निःशुल्क स्थापित की जाएगी। विद्यालयों को किसी प्रकार का आर्थिक व्यय नहीं करना होगा। मिशन की तकनीकी टीम विद्यालय परिसर का सर्वेक्षण, डिज़ाइन, स्थापना और आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगी।
- ग्रीन स्कूल और लिविंग डेमॉन्स्ट्रेशन सेंटर बनेंगे विद्यालय
इस अभियान के अंतर्गत सहभागी विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से ग्रीन स्कूल एवं लिविंग ग्रीन डेमॉन्स्ट्रेशन सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां विद्यार्थियों को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, भूजल पुनर्भरण, जलवायु अनुकूलन, ऊर्जा दक्षता, सौर ऊर्जा, वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी और सतत जीवनशैली जैसे विषयों का व्यवहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।
- विद्यार्थियों के लिए बनेगी ‘लिविंग लैब’
विद्यालयों में स्थापित रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली विद्यार्थियों के लिए एक ‘लिविंग लैब’ का कार्य करेगी। इससे पर्यावरण शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर व्यवहारिक अनुभव का हिस्सा बनेगी और विद्यार्थी अपने परिवार तथा समाज में भी जल एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेशवाहक बनेंगे।
- मॉडल विधानसभा बनाने की दिशा में बड़ा कदम
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल जल संरक्षण नहीं, बल्कि विद्यालयों को पर्यावरणीय नेतृत्व, नवाचार और सतत विकास का केंद्र बनाना है। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों और शिक्षकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, हरित अवसंरचना और जनभागीदारी को साथ लेकर चलने वाला नेट ज़ीरो सरोजनीनगर मिशन 2040 सरोजनीनगर को भारत की पहली नेट ज़ीरो विधानसभा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही “डिजिटल से ग्रीन स्कूल” मॉडल देश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।
