उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पांडे गुरुवार को मुरादाबाद-बरेली-लखनऊ रुट के विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण को निकले। दोपह कोर बरेली जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर उतरकर जायजा लिया। बरेली जंक्शन के प्रस्तावित रिमॉडलिंग की ड्राइंग देखी। इसके अलावा स्टेशन फसाड की टूटी टाइल्स व मुख्य द्वार पर पुरानी कड़ियों के जाल देख नाराजगी जताई।
दोपहर करीब 1 बजकर 30 मिनट पर बरेली जंक्शन पहुंचे जीएम ने निरीक्षण के दौरान खराब स्कैनिंग मशीन देखकर स्टेशन अधीक्षक से पूछा कि ये काम भी करती है या नहीं। स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि स्कैनिंग मशीन का टेंडर दूसरी कंपनी से हुआ है, जल्द ही इसको बदलवाया जाएगा। बता दें लंबे समय से स्कैनिंग मशीन खराब पड़ी है। इसके मेंटिनेंस की जिम्मेदारी सिग्नल एंड टेलिकॉम डिपार्टमेंट के पास है, जबकि निगरानी आरपीएफ के जिम्मे है।
जीएम ने सर्क्युलेटिंग एरिया में बनी पार्किंग की हालत देख टाइल्स की जगह सीसी रोड बनाने को कहा। फसाड के टूटे टाइल्स व मुख्य द्वार के आहते की छत देख नाखुशी जाहिर की। तीन साल पहले प्रवेश द्वार के अहाते की फॉल्स सीलिंग टूटकर गिर गई थी। फॉल्स सीलिंग टूटने से कड़ियां दिखने लगी हैं। इस पर अधिकारियों ने उन्हें बरेली जंक्शन के प्रस्तावित रिमॉडलिंग कार्यों की ड्राइंग दिखाई। जिसमें प्लेटफार्म के नीचे सबवे, मुख्य भवन, सर्क्युलेटिंग एरिया में कॉम्पलेक्स आदि शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित कार्यों की वजह से कुछ अन्य कार्य नहीं कराए गए हैं। इस दौरान उनके साथ मुरादाबाद रेलमंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव के अलावा दूसरे मंडलीय अधिकारी शामिल रहे। बरेली जंक्शन से स्टेशन अधीक्षक भानु प्रताप सिंह, सीएमआई सैयद इमरान, सीएमआई सनत तरफदार, सीएचआई सलाउद्दीन, आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक मयंक चौधरी आदि मौजूद रहे।
जीएम बोले, एक और वेटिंग हॉल होना चाहिए
जीएम ने सीएमआई सैयद इमरान व स्टेशन अधीक्षक भानुप्रताप सिंह के साथ रिटायरिंग रूम, पार्सल कार्यालय, सामूहिक शयन कक्ष, एसी वेटिंग हॉल, पार्सल कार्यालय आदि देखा। जीएम ने बरेली जंक्शन पर एक और प्राइवेट एसी वेटिंग रूम जरूरत महसूस की। क्योंकि फिलहाल की स्थिति में एसी वेटिंग रूम पूरी तरह भर जाता है। 20 मिनट तक जंक्शन पर रुकने के बाद वह लखनऊ रवाना हो गए।
