अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में तेज हवाओं के साथ हुई कुछ घंटों की मूसलाधार बारिश ने नगर निकायों और प्रशासन की मानसून पूर्व तैयारियों की वास्तविकता उजागर कर दी। जिले के मंडी धनौरा, गजरौला, बछरायूं, हसनपुर और अमरोहा नगर क्षेत्रों में जलभराव, बिजली आपूर्ति बाधित होने और अव्यवस्थित जल निकासी व्यवस्था के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
तेज हवाओं से गिरे पेड़ और होर्डिंग्स
गुरुवार देर रात मौसम के अचानक बदले मिजाज के बीच तेज आंधी और भारी बारिश ने पूरे जिले को प्रभावित किया। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण पेड़ और होर्डिंग्स गिर गए। हालांकि बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन इसके साथ ही स्थानीय निकायों की तैयारियों पर गंभीर सवाल भी खड़े हो गए। बारिश शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर विभिन्न नगर क्षेत्रों की सड़कें जलमग्न हो गईं।
नाले और नालियां ओवरफ्लो, कई स्थानों पर जल निकासी व्यवस्था ठप
नालों और नालियों के ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। कई स्थानों पर जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह विफल नजर आई। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को देर रात तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए हर वर्ष बड़े स्तर पर खर्च किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार दिखाई नहीं देता।महादेव मंदिर सरोवर से होकर गुजरने वाले बाढ़ खंड नाले और ड्रेनेज सिस्टम के अवरुद्ध होने के कारण निचले इलाकों में गंदा पानी घरों तक पहुंच गया। तेज आंधी और बारिश के चलते विद्युत आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई।
तकनीकी खराबियों के चलते कई क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित
सुरक्षा कारणों और तकनीकी खराबियों के चलते कई क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित कर दी गई। दर्जनों ट्रांसफार्मरों और विद्युत लाइनों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। परिणामस्वरूप अमरोहा जिले के कई हिस्से रातभर अंधेरे में डूबे रहे। लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए, जिससे लोगों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा। शुक्रवार को भी कई क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सामान्य नहीं हो सकी।
मौसम विभाग ने जताई यह संभावना
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। ऐसे में नागरिकों का कहना है कि यदि नगर निकाय सामान्य बारिश की स्थिति से प्रभावी ढंग से नहीं निपट पा रहे हैं, तो मानसून के दौरान संभावित गंभीर परिस्थितियों से निपटना बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। बारिश के बाद उत्पन्न हालात ने एक बार फिर शहरी बुनियादी ढांचे, जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान और विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की है।
