- योग गुरु योगानंद का स्वास्थ्य संदेश: योग के साथ आयुर्वेदिक उपायों को अपनाना भी जरूरी
लखनऊ/दिल्ली। पूरे भारत में नि:शुल्क योग के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने वाले दिल्ली के योग गुरु योगानंद ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में केवल योग करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शरीर की आंतरिक देखभाल और रोगों से बचाव के लिए प्राकृतिक उपायों को भी जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों के कारण लोग विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, इसलिए योग के साथ संतुलित दिनचर्या अपनाना जरूरी है।
- संक्रमण से बचाव के लिए नीम, गिलोय और तुलसी के सेवन की सलाह
योग गुरु योगानंद ने कहा कि मनुष्य हर समय वातावरण में मौजूद अनेक प्रकार के कीटाणुओं और संक्रमणों के बीच रहता है। ऐसे में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए नीम, गिलोय और तुलसी का सेवन लाभकारी माना जाता है। उनके अनुसार यह शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं और नियमित योग के साथ इनका संतुलित उपयोग बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में मददगार साबित हो सकता है।
- पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए दिए विशेष सुझाव
योग गुरु योगानंद ने कहा कि वर्तमान समय में पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। गैस, कब्ज और पाचन तंत्र की गड़बड़ी जैसी समस्याएं लोगों के लिए आम हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पेट के अंगों को स्वस्थ रखने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाए रखने के लिए पुनर्नवा, मकोय और भूमिआवला के मिश्रण का सेवन उपयोगी माना जाता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर की शुरुआत स्वस्थ पाचन तंत्र से होती है और योग भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- गर्मी में उल्टी-दस्त से राहत के लिए घरेलू उपाय
योग गुरु योगानंद ने गर्मी के मौसम में होने वाली समस्याओं पर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी के दौरान उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं लोगों को अधिक परेशान करती हैं। ऐसी स्थिति में पुदीना, नींबू और प्याज के रस को बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करने की पारंपरिक पद्धति उपयोगी मानी जाती रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी रखनी चाहिए और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्राकृतिक उपायों के साथ योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
