गाजीपुर।(www.arya-tv.com) बेसहारा पशु किसानों के लिए आफत बन गए हैं। जनपद में लगातार फसल बर्बाद होने से प्रदेश सरकार को कोस रहे हैं। इसके विरोध में किसानों ने प्राथमिक स्कूल बिजहरी, सिधौना, पोखरा, सादात, इचवल व सुरहुरपुर हरिचरन में बेसहारा पशुओं को बंद कर दिया। अभी तक पशु कई स्कूलों में ही हैं। अगले दिन स्कूल खुलेगा तो बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी। यह तो संबंधित अधिकारी ही बता पाएंगे। किसानों ने पशुओं से निजात के लिए स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
खानपुर क्षेत्र के सिधौना गांव में बेसहारा पशुओं से परेशान ग्रामीणों में 70 पशुओं को प्राइमरी स्कूल के बरामदे में बांध दिया। सिधौना प्राथमिक विद्यालय पर पशुओं को छुड़ाने पहुंची पुलिस को ग्रामीणों ने खोलने से मना कर लौटा दिया। गांववालों की मांग है कि इन पशुओं को किसी गौशाला में भेजा जाए। गांव वाले पशुओं को गौशाला भेजवाने पर अड़े रहे।
खेती चौपट होने और खड़ी फसलों के रौंदे जाने से परेशान किसानों ने इनसे निजात पाने के लिए कई बार प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों से गुहार लगायी थी। कोई मदद मिलता न देख उनका आक्रोश बढ़ गया। रविवार को किसानों ने पांच दर्जन से अधिक बेसहारा पशुओं को पकड़कर सिधौना स्थित प्राथमिक विद्यालय के बरामदे में बांध दिया। उनका कहना था कि सरकार किसानों की आमदनी दोगुनी करने के बजाय मुसीबत बढ़ा दी है।
महंगाई और पशुओं की मार से फसलों को सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है। छह माह पहले भी 80 बेसहारा पशुओं को पकड़कर प्रशासन के हवाले किया गया था। इधर, प्राइमरी विद्यालय इचवल में ग्रामीणों ने चार दर्जन बेसहारा पशुओं को बंद कर दिया। मवेशियों की बंद कर विरोध जताया। मौजूद पुलिस ने पशुओं को बाहर निकलवाया।
