उत्तर प्रदेश से विकसित देशों में फल व सब्जियों का निर्यात अच्छी कृषि पद्धति (ग्लोबल जीएपी) के प्रमाणीकरण मानकों पर गुणवत्ता सुधार कर किया जाएगा। इसके लिए बुधवार को कृषि विपणन एवं कृषि निदेशालय, उद्यान और कृषि विभाग द्वारा मलिहाबाद में आयोजित ”मेंटरशिप” कार्यक्रम में केन्या से आए ग्लोबल जीएपी के मास्टर ट्रेनर डैनियल महिंदा वाहोमे ने पैदावार और निर्यात की तकनीक बताई।
मास्टर ट्रेनर ने प्रदेश भर से आए 40 अधिकारियों के साथ आम बेल्ट का भ्रमण किया। मलिहाबाद में इरादा फार्मर प्रड्यूसर कंपनी के आम के बाग देखे। बागवानों, किसानों और अधिकारियों को ग्लोबल जीएपी के अनुभव साझा किए। कहा कि, विकसित देशों में कृषि निर्यात के लिए ग्लोबल जीएपी आवश्यक प्रमाणीकरण है। जो 130 से अधिक देशों में कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और श्रमिकों के स्वास्थ्य जैसे मानकों को प्रमाणित करता है। इससे वैश्विक खुदरा विक्रेताओं तक पहुंच आसान होती है।
इसके बाद रहमनखेड़ा स्थित मैंगो पैक हाउस का निरीक्षण करके आम व सब्जियों के निर्यात की प्रोसेसिंग की जानकारी की। कृषि विपणन एवं कृषि निदेशालय के सहायक निदेशक संजय कुमार ने बताया कि ये कार्यक्रम जर्मनी के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में वाराणसी, लखनऊ, गोरखपुर, गोंडा, कानपुर, मेरठ एवं अलीगढ़ आदि जनपदों के मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।
