जिले में आलू की बंपर पैदावार हुई है। खुदाई अभी भी जारी है। खुदरा बाजार में 50 रुपये का 10 किलो आलू बिक रहा है। जिससे किसानों को आलू की फसल पर लगाई लागत का भी पैसा नहीं मिल पा रहा। जिले में आलू के लिए चार कोल्ड स्टोर हैं, जिनमें लगभग 4 लाख मीट्रिक टन आलू रखने की क्षमता है। 1625 हेक्टेअर में मार्च माह में 408750 मीट्रिक टन आलू की पैदावार होती है। लेकिन इस साल आलू की बंपर पैदावार ने दाम धड़ाम कर दिए हैं।
होली के बाद आलू कोल्ड स्टोरेज में रखना शुरू हो जाता है लेकिन, इस बार अभी तक करीब 22 हजार मीट्रिक टन आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा गया है। मंडी में आलू का हाल बदहाल है 100 से 150 रुपये प्रति बोरा पुखराज और 200 रुपये प्रति बोरा की दर से चिप्सोना बिक रहा है। किसान परेशान है क्योकि लागत भी नहीं लौट रही है। मौसम अच्छा होने के कारण इस बार आलू की बंपर पैदावार हुई है। डूंगरपुर स्थित मंडी में खूब आलू पहुंच रहा है लेकिन, इस बार खरीदारों का टोटा है। यूं तो नया आलू फरवरी में आना शुरू हो जाता है लेकिन, वह कच्चा होता है और उसे स्टोर नहीं किया जा सकता। मार्च में आने वाला आलू कोल्ड स्टोर में रखा जाता है। टांडा स्थित कोल्ड स्टोर में एक लाख 20 हजार क्विंटल आलू रखने की क्षमता है।
