जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों का ‘ब्रांड एंबेसडर’ …. सीएम योगी ने की बैठक, सांसदों-विधायकों और मंडलायुक्त-डीएम को दिए दिशा निर्देश

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 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों के सांसदों-विधायकों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर विकास कार्यों और प्रशासनिक समन्वय की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों का ‘ब्रांड एंबेसडर’ बताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी विकास कार्य या सरकारी योजना के क्रियान्वयन में सभी की राय अवश्य ली जाए। यदि किसी स्तर पर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा या अधिकारियों की मनमानी की शिकायत सामने आई तो जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री की इस वीडियो कांफ्रेंसिंग का मुख्य उद्देश्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। हाल ही में विधानमंडल की कार्यवाही के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारियों के फोन न उठाने और उनकी अनदेखी करने का मुद्दा उठाया गया था। ऐसे में मुख्यमंत्री की यह बैठक समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष जुलाई में भी मुख्यमंत्री ने मंडलवार बैठकों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को इसी प्रकार का स्पष्ट संदेश दिया था।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के जनप्रतिनिधियों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद किया। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, स्वच्छ भारत मिशन तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं में किसी भी पात्र लाभार्थी का नाम छूटने न पाए। जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में योजनाओं के लाभार्थियों की सूची की समीक्षा करें और यदि कोई पात्र व्यक्ति छूट गया हो तो उसका प्रस्ताव तुरंत शासन को भेजें।

बैठक में सड़क निर्माण परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्रों में सड़कों की आवश्यकताओं और भावी परियोजनाओं के प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा प्राथमिकता दी गई सड़कों का पहले इस्टीमेट तैयार कराकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। ऐसी सड़कों को प्राथमिकता दी जाए जो बड़ी आबादी को लाभान्वित करती हों। मुख्यमंत्री ने नगरीय क्षेत्रों की सड़कों को मुख्यमंत्री ग्रिड योजना में शामिल कर उनके विकास की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।

सड़क निर्माण में समय सीमा और गुणवत्ता से समझौता नहीं

मुख्यमंत्री योगी ने सड़क निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता न करने की हिदायत दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, उन्हें प्रमुख मार्गों से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण कार्य प्राथमिकता से कराया जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे जनता के बीच रहकर विकास कार्यों की जानकारी दें और क्षेत्र की आकांक्षाओं के अनुरूप नए प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराएं।