Bareilly: जिला बदर आरोपी ऋषभ ठाकुर पुलिस के हत्थे चढ़ा, स्पा सेंटर संचालिका को धमकाया था

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 बजरंग दल से निष्कासित और स्पा सेंटर संचालिका को फोन पर धमकाने व रंगदारी मांगने वाला ऋषभ ठाकुर आखिरकार बारादरी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। ऋषभ समेत पांच लोगों के खिलाफ संचालिका की तहरीर पर शुक्रवार को मुकदमा दर्ज किया गया था। उसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। बारादरी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ऋषभ को सोमवार दोपहर बीडीए कालोनी से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।

दरअसल, दो दिन पहले ऋषभ ठाकुर के सोशल मीडिया पर वायरल 17 मिनट 31 सेकंड के ऑडियो ने शहर में हड़कंप मचा दिया था। इस ऑडियो में ऋषभ और उसका साथी आशु पीलीभीत रोड पर स्पा सेंटर चलाने वाली संचालिका को बुरी तरह धमकाते हुए सुनाई दे रहे थे। ऋषभ खुद को ””कैफे कांड”” का मुख्य आरोपी बताकर खौफ दिखा रहा था। उसने दावा किया था कि शहर में उसकी मर्जी के बिना कोई ऑफिस नहीं खुलेगा। स्टिंग वीडियो डिलीट करने के बदले उसने ”खर्चा-पानी” के नाम पर 40 हजार रुपये की मांग की थी। हद तो तब हो गई जब उसने चुनौती देते हुए कहा कि वह खुद खड़े होकर स्पा खुलवाएगा और अगर कोई रोक ले तो वह अपनी मूंछ मुंडवा लेगा। इधर, हैरानी की बात यह है कि ऋषभ ठाकुर को सुभाष नगर थाने से छह महीने के लिए जिला बदर किया गया था। उसे बदायूं की सीमा में छोड़ा गया था, लेकिन वह पुलिस की बंदिशों को ठेंगा दिखाकर बरेली में न केवल सक्रिय था, बल्कि खुलेआम रंगदारी वसूल रहा था।

इधर, ऋषभ की गिरफ्तारी के बाद उसकी बहन ने बारादरी थाने के बाहर वीडियो बनाकर वायरल किया है। वीडियो में उसने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि उसके भाई को किस जुर्म में पकड़ा गया है। बहन का दावा है कि ऋषभ की जिला बदर की समय सीमा पूरी हो चुकी थी। इसके बाद ही वह बदायूं से बरेली वापस आया था। उसने अपने भाई को बेगुनाह बताते हुए पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं।

इधर, इस पूरे विवाद के बीच हिंदू जागरण मंच (युवा) और अन्य संगठनों ने आरोपियों से दूरी बना ली है। जिला अध्यक्ष हिमांशु पटेल ने स्पष्ट किया कि ऋषभ ठाकुर और आशु यादव को बहुत पहले ही संगठन से निष्कासित किया जा चुका है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि संगठन का नाम बदनाम करने वाले ऐसे अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि समाज में गलत संदेश न जाए। बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि ऋषभ के अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में इंस्पेक्टर के अलावा उप निरीक्षक अमित कुमार, कांस्टेबल पवन नागर आदि शामिल थे।