लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत आज से हो गई है, लेकिन पहले दिन ही विधानसभा में हंगामे का माहौल बन गया। समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और फार्म-7 के मुद्दे को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सपा विधायक जाहिद बेग नारे लिखी तख्तियां लेकर सदन में पहुंचे और लगातार नारेबाजी की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र के पहले दिन विधानमंडल की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि विधानसभा और विधान परिषद लोकतंत्र के चार मजबूत स्तंभों में से एक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सदन संवाद, बहस और विचार-विमर्श से कार्य करता है, न कि हंगामे या कार्यवाही में बाधा डालकर।
हंगामा मुद्दों को कमजोर करता है: योगी
सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर कोई सदस्य किसी गंभीर मुद्दे को उठाना चाहता है, तो सदन की कार्यवाही में रुकावट डालना उसी मुद्दे को कमजोर करने की कोशिश के समान है। लोकतंत्र में असहमति का स्थान है, लेकिन वह असहमति रचनात्मक और संवादपूर्ण होनी चाहिए।”
उन्होंने विधायकों से अपील की कि वे जनता के हित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा करें, ताकि प्रदेश के विकास को नई गति मिल सके।
पहली बार सदन में पेश होगा इकोनॉमिक सर्वे
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आज राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के बाद उत्तर प्रदेश का इकोनॉमिक सर्वे भी सदन में पेश किया जाएगा।
उन्होंने इसे ऐतिहासिक कदम करार देते हुए कहा, “यह पहली बार है जब कोई राज्य सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियों को इस तरह व्यवस्थित और विस्तृत रूप से सदन के समक्ष रख रही है। हम यह दिखाना चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश ने पिछड़ेपन को पीछे छोड़कर देश की अर्थव्यवस्था में एक मजबूत और सफल भूमिका निभाई है।”
सीएम ने कहा कि इस इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट में प्रदेश की आर्थिक प्रगति, निवेश, रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और विभिन्न क्षेत्रों में हुई तरक्की के आंकड़े शामिल होंगे।
“यह रिपोर्ट न केवल राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान, बल्कि बजट चर्चा में भी सभी सदस्यों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी। जनप्रतिनिधि और प्रदेशवासियों को उत्तर प्रदेश की इस आर्थिक यात्रा के बारे में पूरी जानकारी मिलनी चाहिए।”
सदन में डेटा आधारित बहस की अपील
योगी आदित्यनाथ ने सभी विधायकों से आग्रह किया कि वे इस सर्वे के आंकड़ों का उपयोग कर रचनात्मक बहस करें। उन्होंने कहा कि डेटा और तथ्यों के आधार पर चर्चा से ही नीतियां और योजनाएं और प्रभावी बनती हैं।
बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री का यह बयान विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार की रणनीति को भी दर्शाता है। जहां एक तरफ विपक्ष एसआईआर, महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर हमला बोलेगा, वहीं सरकार इकोनॉमिक सर्वे के जरिए अपनी उपलब्धियों को मजबूती से पेश करने की तैयारी में है।
