5 लक्षण बताते हैं कि किडनियों को डैमेज करने लगी डायबिटीज, Kidneys को साफ और मजबूत बनाने के लिए करें ये 7 काम

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(www.arya-tv.com) डायबिटीज (Diabetes) एक गंभीर समस्या है और भारत में इससे सबसे बुरी हालत है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की एक रिपोर्ट के अनुसार, 101 मिलियन भारतीय डायबिटीज के साथ जी रहे हैं और अन्य 136 मिलियन लोग प्री-डायबिटीज की चपेट में हैं।

डायबिटीज कई स्वास्थ्य समस्याओं की जड़ है।डायबिटीज की वजह से हार्ट डिजीज, हार्ट फेलियर और कई तरह की हार्ट डिजीज का खतरा होता है। डायबिटीज का सबसे गंभीर प्रभाव किडनियों पर पड़ता है।

डायबिटीज होने पर किडनी की बीमारी होने का खतरा होता है। ऐसा माना जाता है कि लगभग तीन में से एक डायबिटीज पीड़ित किडनी की बीमारी से पीड़ित रहता है।नॉएडा के ई-260 सेक्टर 27 स्थित ‘कपिल त्यागी आयुर्वेद क्लिनिक’ के डायरेक्टर कपिल त्यागी के अनुसार, अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं,

तो पूरे चांस हैं कि बढ़े हुए ब्लड शुगर की वजह से किडनी डैमेज हो सकती है। ध्यान रहे कि डायबिटीज का किडनियों पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है, और अगर आप किडनियों को स्वस्थ रखना या डैमेज होने से बचाना चाहते हैं, तो आपको नीचे बताए उपायों पर काम करना चाहिए।

किडनियों को कैसे प्रभावित करती है डायबिटीज

डायबिटीज में क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी) का खतरा हो सकता है। हाई ब्लड शुगर लेवल किडनी के कार्य को प्रभावित कर सकता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर का भी जोखिम रहता है।

ब्लड प्रेशर किडनी के भीतर की नाजुक रक्त वाहिकाओं पर दबाव डाल सकता है, जिससे और अधिक नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, डायबिटीज वाले लोगों में कोलेस्ट्रॉल अधिक रहता है, जो किडनी को नुकसान पहुंचाता है।

डायबिटीज में किडनी खराब होने के लक्षण

डायबिटीज होने पर किडनी की बीमारी चुपचाप शुरू होती है और शुरू में कोई ध्यान देने योग्य लक्षण नहीं होते हैं। हालांकि जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, व्यक्तियों को पैरों में सूजन और सांस फूलना, हड्डियों की बीमारी, मेटाबॉलिक एसिडोसिस

जैसे इलेक्ट्रोलाइट डिजीज, अनकंट्रोल ब्लड प्रेशर जैसे लक्षण अनुभव हो सकते हैं। बहुत से लोग यह नहीं पहचानते कि उन्हें सीकेडी है, जब तक कि यह हालत और ज्यादा गंभीर नहीं हो जाती।

डाइट का रखें ध्यान

ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए अपनी डाइट का खास ध्यान रखें। ब्लड प्रेशर और किडनी के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए हाई सोडियम और हाई पोटेशियम वाले खाद्य पदार्थों का कम सेवन करें। प्रोटीन का कम सेवन करें क्योंकि इससे किडनी पर दबाव पड़ता है।

एक्सरसाइज भी है जरूरी

रोजाना एक्सरसाइज करने से इंसुलिन रेसिस्टेंट में सुधार होता है, ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है और किडनी की बीमारी सीकेडी को मैनेज करने में मदद मिलती है।

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करें

डायबिटीज के कारण रक्त वाहिकाओं की दीवारें सख्त हो जाती हैं, जिससे हाई बीपी हो जाता है। इससे रक्त वाहिकाओं को खून को फिल्टर करने और किडनियों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाने में परेशानी हो सकती है। बीपी की दवाएं लें और साथ में अन्य उपाय भी आजमाएं।

कोलेस्ट्रॉल कम करें

डायबिटीज की वजह से अक्सर खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ सकते हैं। डायबिटीज का असर लिपिड प्रोफाइल, दिल, दिमाग और किडनी सहित निचले अंगों पर भी पड़ता है। डायबिटीज के मरीजों को किडनियों को खराब होने से बचाने के लिए ग्लूकोज और बीपी लेवल के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल लेवल का भी ध्यान रखना चाहिए।

वजन कम करें

किडनी की बीमारी को रोकने के लिए स्वस्थ वजन बनाए रखें। इसके लिए डाइट का ध्यान रखें और साथ में फिजिकल एक्टिविटी करें। कम ऑयल और शुगर वाले फूड्स का सेवन करें। इसके अलावा एक्सपर्ट्स की राय पर किसी न किसी फिजिकल एक्टिविटी में शामिल हों। इनके अलावा तंबाकू और शराब के सेवन से बचें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।